चित्तौड़गढ़: गौ माता को राष्ट्रमाता बनाने हेतु गौ सम्मान आह्वान अभियान शुरू
महासती कुमुदलता के नेतृत्व में 27 अप्रैल को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन की तैयारी, गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और केंद्रीय कानून बनाने की मांग।

चित्तौड़गढ़ के पावन धरा पर गौ माता को राष्ट्रमाता का गौरव दिलाने हेतु 'गौ सम्मान आह्वान अभियान' का शंखनाद हो गया है। अनुष्ठान आराधिका महासती कुमुदलता ने चित्तौड़ नगर वासियों सहित देश के कोने-कोने से पधारे श्रावक-श्राविकाओं का आह्वान किया कि वे 27 अप्रैल को प्रातः 9:30 बजे सुभाष चौक पर अपने इष्ट मित्रों सहित एकत्रित हों। यहाँ से संकीर्तन करते हुए सभी भक्तजन कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पहुंचेंगे और गौ माता को सम्मान दिलाने हेतु प्रार्थना पत्र सौंपेंगे। महासती ने अपना यह पुरजोर समर्थन चित्तौड़गढ़ भानफोर्ट पैलेस में आयोजित अक्षय तृतीया वर्षीतप पारणा और अभिनंदन समारोह के दौरान व्यक्त किया।
अभियान का मुख्य उद्देश्य गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना, संपूर्ण देश में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करवाना और गोवर्धन संस्कृति के संरक्षण हेतु ठोस सरकारी नीतियां बनवाना है। इस अवसर पर महासती और अन्य धर्म संप्रदायों के संतों ने सरकार से सामूहिक आग्रह किया कि गौ रक्षा हेतु प्रभावी केन्द्रीय कानून का निर्माण हो। उन्होंने मांग की कि गोहत्या और गो तस्करी जैसे जघन्य अपराधों में संलिप्त अपराधियों के लिए आजीवन कारावास का कड़ा प्रावधान किया जाए तथा जब्त किए गए वाहनों को अनिवार्य रूप से गोशालाओं के उपयोग में लाया जाए। इसके अतिरिक्त, साध्वी मंडल ने गोबर और गोमूत्र पर आधारित अनुसंधान विश्वविद्यालय स्थापित करने, पंचगव्य औषधियों का आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में निःशुल्क वितरण सुनिश्चित करने तथा निराश्रित गो वंश की सेवा हेतु चारे की समुचित व्यवस्था करने की भी मांग रखी।
गौ भक्त गौरव सोमानी ने अभियान की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया कि 27 अप्रैल को तहसील और जिला मुख्यालयों के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। समारोह में इस अभियान के आधिकारिक पोस्टर का भव्य विमोचन किया गया, जिसमें 15 साध्वियों का साध्वी मंडल, विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, प्रधान सुशीला कुंवर आक्या, डॉ. दामोदर लड्ढा, डॉ. सुशीला लड्ढा, वंदना वजीरानी, डॉ. इंद्रमल सेठिया, आशा पोखरना, विमला सेठिया, सुधीर जैन और अनिल ईनाणी प्रमुख रूप से सम्मिलित रहे। 45 वर्षीतप की तपस्विनियों ने अपने पारणे से पूर्व उपस्थित गणमान्य जनों के साथ इस अभियान को अपना आशीर्वाद और समर्थन प्रदान किया, जो गौ सेवा के प्रति जनमानस की गहरी आस्था और संकल्प को रेखांकित करता है।

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