चित्तौड़गढ़। भीषण चिलचिलाती धूप और खुले आसमान के नीचे कड़ा संघर्ष कर अपना गुजारा करने वाले हाथ थैला और फुटकर व्यवसायियों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया है। थोक विक्रेताओं की कथित ज्यादती, शोषणकारी नीतियों और मनमाने रवैये से भारी आर्थिक नुकसान झेल रहे छोटे व्यापारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। हाथ थैला फुटकर व्यवसायी यूनियन के तत्वावधान में एकजुट हुए दर्जनों व्यवसायियों ने जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित विभिन्न संबंधित उच्चाधिकारियों को एक शिकायती ज्ञापन सौंपकर तुरंत राहत प्रदान करने और न्याय दिलाने की पुरजोर मांग की है।

यूनियन के प्रतिनिधि कमलेश गुर्जर, सलमान कुरेशी तथा देवकिशन जाट ने फुटकर विक्रेताओं की इस पीड़ा को प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि हाथ थैला फुटकर व्यवसायी वर्ष भर चिलचिलाती धूप, कड़कड़ाती ठंड और खुले मौसम में खड़े रहकर अत्यंत कठिन परिस्थितियों में अपना व्यवसाय संचालित करते हैं। इस हाड़-तोड़ मेहनत के बाद वे बमुश्किल अपने परिवार का पालन-पोषण कर पाते हैं। ऐसे में विगत कुछ समय से होलसेल व्यापारियों द्वारा की जा रही लगातार ज्यादतियों ने उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है, जिससे त्रस्त होकर उन्हें प्रशासन की शरण लेनी पड़ी है।

फुटकर व्यवसायियों ने ज्ञापन के माध्यम से थोक बाजार की विसंगतियों को दूर करने के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। पीड़ित व्यापारियों की मुख्य मांग है कि माल की तौल के समय केरेट व बारदान का वास्तविक वजन काटकर ही पूरी पारदर्शिता के साथ बिल बनाया जाए तथा बारदान व केरेट के काटे गए वजन को बिल पर स्पष्ट रूप से दर्शाया जाए। इसके साथ ही, होलसेल व्यापारियों द्वारा किए जा रहे रिटेल फ्रूट (खुदरा फल) की बिक्री पर पूर्णतः रोक लगाई जाए ताकि फुटकर विक्रेताओं के बाजार पर असर न पड़े। व्यवसायियों ने मांग की है कि उनके बिलों में किसी भी प्रकार का अतिरिक्त टैक्स न जोड़ा जाए, थोक बाजार से आने वाले खराब फलों को अनिवार्य रूप से रिटर्न लिया जाए या फिर बिल से उनके पैसे काटे जाएं। इसके अतिरिक्त, यदि किसी अपरिहार्य कारणवश कोई छोटा व्यापारी समय पर बिल की राशि जमा नहीं कर पाता है, तो होलसेलर्स द्वारा उस पर किसी भी प्रकार का ब्याज न वसूला जाए।

प्रशासनिक चौखट पर अपनी आवाज बुलंद करने के इस बड़े प्रदर्शन के दौरान मुकद्दर, वसीम, अशोक कुमार खटीक, अय्युब हुसैन, जगदीशचन्द्र सालवी, भगवानी शंकर रेगर, नरेश सिंधी, सुरेश खटीक, अंतिम जैन, रामेश्वरलाल जाट, रमेश अहीर, सुशील मीणा, गंगाराम मीणा, करण भोई, कुरबान चंदेरिया, सीताराम चंदेरिया, हुसैन भाई, पन्नू भाई, नियाज मोहम्मद, इमरान शाह और नाथूलाल खटीक सहित दर्जनों की संख्या में स्थानीय फुटकर व्यवसायी मुस्तैद रहे। इस घटनाक्रम ने चित्तौड़गढ़ के व्यापारिक जगत में हलचल तेज कर दी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन शोषित फुटकर व्यवसायियों को होलसेलर्स की मनमानी से मुक्ति दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।

Pratahkal Newsroom

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