चित्तौड़गढ़ में निःशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण और उपकरण वितरण शिविर का समापन
भारत विकास परिषद और महावीर विकलांग सहायता समिति के सहयोग से आयोजित 12वें शिविर में 505 दिव्यांगों का पंजीकरण कर कृत्रिम अंग एवं उपकरण वितरित किए गए।

चित्तौड़गढ़ में आयोजित 12वें निःशुल्क शिविर के दौरान दिव्यांग लाभार्थियों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण वितरित करते अतिथि एवं विशेषज्ञ टीम।
अतिथियों के प्रेरक विचार
- क्षेत्रीय संयोजक कमल जैन: "किसी भी दिव्यांग को कृत्रिम अंग लगनें के बाद वह दिव्यांग नहीं रहता, बल्कि फिर से उसकी दुनिया संवरनें लगती है। दुर्घटना के दौरान किसी का हाथ या पैर टूट जाता है तो उसके उपर निर्भर परिवार की स्थिति ख़राब हो जाती है, ऐसे दिव्यांगों को यदि समय पर कृत्रिम अंगों का सहारा मिल जाता है तो वह व्यक्ति काम करनें लायक बन जाता है और उसके परिवार की स्थति सुधरने लग जाती है।"
- सुधीर वोरा: "दिव्यांग साथियों के लिये यह शिविर आत्मविश्वास का स्थल है और आत्मविश्वास के बल पर असंभव से भी असंभव कार्य सम्पन्न हो जाते है।"
- जिला शिक्षाधिकारी (निम्बाहेडा) अरविन्द मूंदडा: "दिव्यांग अपने आपको असहाय न महसूस करके मुख्यधारा में जुडे रहे और साथ में आए परिजन भी उन्हे असहाय महसूस न होनें दें।"
- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सुनील गोयल: "दूसरों की सेवा के लिए सर्वस्व समर्पित करना ही वास्तविक मनुष्यता है।"
विशेषज्ञ टीम और सेवा कार्य
श्री महावीर विकलॉंग सहायता समिति के देवकीनंदन, जिनके दोनों हाथ नहीं है, उनके नेतृत्व में 14 विशेषज्ञों की टीम दिन रात इस सेवा यज्ञ में जुटी है। दिन में दिव्यागों के नाप लेकर दिन रात कृत्रिम अंगों का निर्माण जारी है। डॉ ए एल जैन, कोमल पोखरना, बसंतीलाल मेहता, मनसुख पटवारी, भगवान तडबा, भारती गहलोत सहित शहर के गणमान्य व्यक्तियों नें शिविर का अवलोकन कर कहा कि पूरी कायनात सेवा के इस विलक्षण कार्य को देख रही है।
शिविर की उपलब्धियां एवं वितरण
मोदानी ने बताया कि शिविर की भव्यता का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 505 दिव्यांगों का पंजीयन किया जा चुका है, जिनके लिये युद्ध स्तर पर विशेषज्ञों की टीम मौके पर ही कृत्रिम हाथ-पैर और कैलीपर्स तैयार कर रही है।
- वितरित उपकरण: श्रवण यंत्र, बैसाखी, ट्रायसाइकिल, व्हीलचेयर और वॉकर।
- चिकित्सकीय जाँच एवं प्रमाणीकरण: साँवलिया जी चिकित्सालय के अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ विनोद धाकड, डॉ सुमन, डॉ बीना, डॉ सारिका पंवार ने दिव्यांगों की जाँच कर उपकरणों व यू डी आई डी कार्ड के लिये प्रमाणित किया।
- सहयोग टीम: समाज कल्याण विभाग के नंदलाल, कृष्ण अवतार, देवेश शर्मा, नारायण भांबी व नन्द किशोर ने सहायता की।
आज होगा समापन
महेश नुवाल ने बताया कि पीड़ित मानवता को सहारा देने वाले इस शिविर का समापन आज होगा।

Piyush Mundara, Chittorgarh
नाम: पियूष मूंदड़ा
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
अनुभव: साल 2013 से
विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग
बीट और कवरेज
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शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
