चित्तौड़गढ़। निवेश के नाम पर हुई ठगी के खिलाफ जमाकर्ता परिवारों का धैर्य अब जवाब दे रहा है, जिसका उग्र स्वरूप आज सड़कों पर साफ नजर आया। राष्ट्रव्यापी आंदोलन के आह्वान पर जिलेभर से आए सैकड़ों पीड़ितों ने संगठित होकर चित्तौड़गढ़ सांसद जनसुनवाई कार्यालय का शांतिपूर्ण किंतु प्रभावी घेराव किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से प्रभावित परिवारों ने अपनी संचित पूंजी की वापसी हेतु हुंकार भरते हुए सांसद को दो महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपे। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग 'बड्स एक्ट' (BUDS Act) का कड़ाई से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना और ठगी के शिकार प्रत्येक व्यक्ति को उसकी जमा राशि के साथ दो से तीन गुना तक क्षतिपूर्ति दिलाना है।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मदन लाल आजाद और दिलीप सुराणा ने कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए बताया कि 'अनियमित जमा योजना पाबंदी कानून' (बड्स एक्ट) 31 जुलाई 2019 से प्रभावी है। इस कानून के अंतर्गत प्रत्येक जिले में सक्षम अधिकारी नियुक्त हैं, जिनका दायित्व पीड़ितों के आवेदन प्राप्त होने के 180 कार्य दिवसों के भीतर भुगतान प्रक्रिया पूर्ण करना है। इसके बावजूद चित्तौड़गढ़ जिले की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, जहां जिला कलेक्टर, एसडीएम और सहकारिता विभाग के पास हजारों आवेदन लंबित पड़े हैं। पीड़ितों का आरोप है कि निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी अब तक एक भी व्यक्ति को भुगतान प्राप्त नहीं हो सका है।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि इस कानून का व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं किया जा रहा है और कुर्क की गई संपत्तियों के मूल्यांकन में जानबूझकर देरी की जा रही है। उन्होंने फर्जी रिफंड पोर्टल जैसी व्यवस्थाओं को कानून की मूल भावना के विपरीत बताते हुए इन्हें तत्काल बंद करने की मांग की। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि कुर्क संपत्तियों का 30 दिनों के भीतर मूल्यांकन कर भुगतान शुरू हो और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

विरोध प्रदर्शन के दौरान 'भुगतान करो या संसद छोड़ो' और 'ठग बेईमान भारत छोड़ो' जैसे तीखे नारों ने माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया। पीड़ितों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हुई, तो वे सांसद के विरुद्ध 'वोट वापसी' अभियान चलाएंगे और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन को और अधिक तीव्र करेंगे। ज्ञापन की प्रतियां जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को भी प्रेषित की गई हैं। संगठन ने इस अवसर पर देशभर के ठगी पीड़ितों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए अंतिम संघर्ष का आह्वान किया है, जिससे यह स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों में और अधिक गरमाएगा।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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