चित्तौड़गढ़। ऐतिहासिक दुर्ग क्षेत्र में प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत के नेतृत्व में कांग्रेस जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि दुर्ग क्षेत्र के वार्ड संख्या 43 में रहने वाले परिवार कई पीढ़ियों से अपने पुश्तैनी मकानों और निजी आराजी भूमि पर निवास कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों का दावा है कि उन्होंने संरक्षित स्मारकों और ऐतिहासिक धरोहरों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की है। इसके बावजूद निजी भूमि और पुश्तैनी संपत्तियों पर बने निर्माणों को ध्वस्त करने की कार्रवाई को अनुचित बताया गया।

कांग्रेस प्रतिनिधियों ने प्रशासन के समक्ष यह भी रखा कि दुर्ग क्षेत्र केवल ऐतिहासिक महत्व का स्थल नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका का केंद्र भी है। यहां बड़ी संख्या में लोग छोटे व्यवसाय, हस्तशिल्प, प्रसाद सामग्री, पर्यटन सेवाएं, भोजन और आवास व्यवस्था जैसे कार्यों से जीवनयापन कर रहे हैं। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि ऐसी व्यवस्था केवल चित्तौड़गढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान के कई ऐतिहासिक दुर्ग क्षेत्रों में वर्षों से संचालित होती रही है।

ज्ञापन में जैसलमेर दुर्ग का उदाहरण देते हुए कहा गया कि विश्व धरोहर सूची में शामिल होने के बावजूद वहां स्थानीय आबादी निवास करती है और पर्यटन आधारित गतिविधियां भी जारी हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दुर्ग क्षेत्र को केवल एक संरक्षित स्थल के रूप में नहीं, बल्कि एक जीवंत मानवीय बस्ती के रूप में भी देखा जाना चाहिए, जहां लोगों ने अपनी संस्कृति, परंपरा और श्रम से क्षेत्र की पहचान को बनाए रखा है।

पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने कहा कि बिना पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था के लोगों के घरों और रोजगार पर कार्रवाई करना मानवीय दृष्टिकोण के अनुरूप नहीं है। उन्होंने इसे “बुलडोजर संस्कृति” बताते हुए कहा कि ऐसे कदमों का विरोध किया जाएगा। साथ ही उन्होंने स्थानीय सांसद और विधायक की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन मतदाताओं ने चुनावों में समर्थन दिया, उनके सामने उत्पन्न संकट पर जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया अपेक्षित है।

ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग से मांग की गई कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा क्षेत्रवासियों को विश्वास में लेकर न्यायपूर्ण और स्थायी समाधान निकाला जाए। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आमजन के साथ लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

इस दौरान भेरूलाल चौधरी, प्रेम प्रकाश मूंदड़ा, विक्रम जाट, रमेशनाथ योगी, नगेंद्र सिंह राठौड़, बालमुकुंद मालीवाल, गोविंद शर्मा, प्रमोद सिंह तंवर, महेश काकानी, सुरेंद्रनाथ योगी, शंकर सेन, विनोद लड्डा, विजय चौधरी, महावीर सिंह, अर्जुन रायका, राजदीप सिंह राणावत, रामगोपाल लोहार, गौस मोहम्मद, राजेश सोनी और शैलेंद्र सिंह शक्तावत सहित कांग्रेस के कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Pratahkal Newsroom

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