चित्तौड़गढ़। जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने और यूरिया की कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए कृषि विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक सख्त कार्रवाई अमल में लाई गई है। इसी कड़ी में शुक्रवार को विभागीय टीम ने औचक निरीक्षण करते हुए नियमों की अवहेलना पाए जाने पर एक उर्वरक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित कर दिया।

अभियान के दौरान सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) चित्तौड़गढ़ अंशु चौधरी, कृषि अधिकारी गोपाल लाल शर्मा एवं डॉ. शिवांगी जोशी ने मंडपिया तहसील भदेसर स्थित मैसर्स नवकार फर्टिलाइजर्स के विक्रय परिसर की सघन जांच की। निरीक्षण के समय प्रतिष्ठान पर भारी अनियमितताएं उजागर हुईं, जिसमें मुख्य रूप से मूल्य सूची का प्रदर्शन न करना और स्टॉक रजिस्टर को निर्धारित प्रारूप में संधारित नहीं करना शामिल था। इसके अतिरिक्त, विक्रेता के अनुज्ञापत्र में ‘ओ’ फार्म सम्मिलित नहीं पाया गया, जिसे विभाग ने नियमों का गंभीर उल्लंघन माना।

इन विसंगतियों को देखते हुए डॉ. शिवांगी जोशी द्वारा संबंधित प्रतिष्ठान के उर्वरक अनुज्ञापत्र के निलंबन की तत्काल अनुशंसा की गई। इस अनुशंसा पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए विभाग ने मैसर्स नवकार फर्टिलाइजर्स, मंडपिया का उर्वरक अनुज्ञापत्र निलंबित कर दिया है। विभाग ने इस कार्रवाई के माध्यम से जिले के समस्त आदान विक्रेताओं को कड़ा संदेश देते हुए निर्देशित किया है कि वे केवल नियमानुसार ही कृषि आदानों का विक्रय करें, प्रत्येक किसान को अनिवार्य रूप से बिल प्रदान करें और प्रतिष्ठान पर सभी आवश्यक अभिलेखों का विधिवत रखरखाव सुनिश्चित करें।

Next Story