चित्तौड़गढ़: खाद की कालाबाजारी पर कार्रवाई, एक उर्वरक लाइसेंस निलंबित
कृषि विभाग ने कपासन और पांडोली में औचक निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिलने पर सख्त कदम उठाए; सहकारी समिति को नोटिस जारी।

चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन और पांडोली में गुरुवार को उर्वरक दुकानों पर औचक निरीक्षण करते कृषि विभाग के अधिकारी।
जिले में उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा यूरिया की कालाबाजारी एवं अवैध जमाखोरी पर अंकुश लगाने हेतु कृषि विभाग द्वारा संचालित विशेष अभियान के तहत प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को विभाग की टीमों द्वारा विभिन्न उर्वरक विक्रेताओं एवं संस्थाओं के प्रतिष्ठानों पर किए गए औचक निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं उजागर होने पर एक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया, वहीं एक सहकारी समिति को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
अभियान के अंतर्गत कृषि अधिकारी कपासन हीरालाल सालवी एवं प्रशांत कुमार जाटोलिया ने मैसर्स अंकित फर्टिलाइजर्स, डिंडोली के विक्रय परिसर की सघन जांच की। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि प्रतिष्ठान पर न तो मूल्य सूची प्रदर्शित थी और न ही स्टॉक रजिस्टर निर्धारित प्रारूप में संधारित था। इसके अतिरिक्त स्टॉक रजिस्टर प्राधिकृत अधिकारी से प्रमाणित नहीं पाया गया और विक्रय किए गए उर्वरकों का कोई वैध रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। सबसे गंभीर तथ्य यह रहा कि मौके पर भौतिक रूप से उपलब्ध उर्वरक स्टॉक और रिकॉर्ड में भारी अंतर पाया गया। इन विसंगतियों को नियम विरुद्ध मानते हुए कृषि अधिकारी हीरालाल सालवी की अनुशंसा पर त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुवार को ही मैसर्स अंकित फर्टिलाइजर्स, डिंडोली का उर्वरक अनुज्ञापत्र (लाइसेंस) निलंबित कर दिया गया।
इसी सिलसिले में कृषि अधिकारी मिशन चित्तौड़गढ़ रामजस खटीक ने ग्राम सेवा सहकारी समिति, पांडोली का औचक निरीक्षण किया। वहां भी मूल्य सूची एवं स्टॉक रजिस्टर निर्धारित प्रारूप में नहीं मिलने तथा उर्वरक विक्रय का रिकॉर्ड संधारित नहीं होने जैसी खामियां पाई गईं, जिस पर विभाग ने समिति को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कृषि विभाग ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए जिले के समस्त आदान विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे नियमानुसार ही उर्वरकों एवं कृषि आदानों का विक्रय करें, प्रत्येक किसान को अनिवार्य रूप से बिल प्रदान करें तथा सभी आवश्यक विधिक दस्तावेज प्रतिष्ठान पर दुरुस्त रखें। संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार डॉ. शंकर लाल जाट ने कृषकों से अपील की है कि वे आवश्यकतानुसार ही उर्वरक खरीदें और अनावश्यक अग्रिम भंडारण से बचें, क्योंकि वर्तमान में जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
