चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ के शहीद मेजर नटवर सिंह शक्तावत विद्यालय के मैदान में आयोजित छह दिवसीय संभाग स्तरीय आरोग्य एवं स्वदेशी मेला 2025 अपनी भव्यता और आयुर्वेद के ज्ञान की अनूठी छटा बिखेरते हुए संपन्न हुआ। इस आयोजन में डूंगला उपखंड द्वारा लगाई गई औषधीय प्रदर्शनी न केवल आकर्षण का केंद्र बनी, बल्कि प्रदेश के मंत्रियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और लाखों की संख्या में उमड़ी जनमेदिनी की प्रशंसा बटोरते हुए मेले की 'सिरमौर' साबित हुई। आयुर्वेद के आदि प्रवर्तक भगवान धन्वंतरि के पूजन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच चित्तौड़गढ़ आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक तरुण प्रमाणिक द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर इस महोत्सव का विधिवत आगाह किया गया।

प्रभारी अधिकारी डॉक्टर बी एल शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में डॉक्टर शैलबाला, डॉ पूजा, कंपाउंडर भेरूलाल और नर्स रेखा कुमावत की टीम ने एक ऐसी जीवंत प्रदर्शनी सजाई, जिसमें प्रकृति और स्वास्थ्य का संगम दिखाई दिया। इस प्रदर्शनी का सबसे मुख्य आकर्षण 'नवग्रह वाटिका' रही, जिसमें पलाश, अपामार्ग, पीपल, अर्क, खादिर, दूब, उदुम्बर, कुशा और शमी जैसे नवग्रहों से संबंधित औषधीय पादपों का प्रदर्शन किया गया। इसके अतिरिक्त प्रदर्शनी में अपराजिता, गुड़हल, पत्थरचट्टा, आंवला, तुलसी, कालमेघ, बिजोरा नींबू, अश्वगंधा, राम व श्याम तुलसी, महासुदर्शन, नीम गिलोय, अर्जुन, एलोवेरा, सीताफल, हाडवेल, अडूसा और सहजन जैसी कुल 101 प्रकार की दुर्लभ शुष्क एवं सजीव औषधियों को प्रदर्शित कर उनके गुणों से आमजन को रूबरू करवाया गया।

मेले के दौरान प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर और मंत्री जबर सिंह खर्रा ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और आयुर्वेद के संरक्षण की दिशा में डूंगला टीम के प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की। चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी और जिला कलेक्टर ने प्रदर्शनी में गहरी रुचि दिखाते हुए प्रत्येक पौधे की उपयोगिता समझी। जिला कलेक्टर ने इस नवाचार से अभिभूत होकर निर्देश दिए कि ऐसी प्रदर्शनी को और भी बड़े स्तर पर आयोजित किया जाना चाहिए ताकि जन-जन को आयुर्वेद के लाभ मिल सकें। इस अवसर पर बड़ीसादड़ी एसडीएम प्रवीण मीणा, पूर्व विधायक ललित ओसवाल, आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉक्टर श्रीराम शर्मा, उदयपुर के उपनिदेशक राजीव भट्ट सहित कई आला अधिकारियों और विद्यार्थियों ने भी आयुर्वेद के चमत्कारों को करीब से देखा।

प्रदर्शनी के दौरान डॉक्टर शर्मा और उनकी टीम ने आगंतुकों को न केवल औषधियों के लाभ बताए, बल्कि उन्हें घरों में औषधीय पौधे रोपित करने के लिए प्रेरित भी किया। मेले में आने वाले हजारों लोगों को स्वास्थ्य रक्षक क्वाथ का वितरण किया गया, जिसे लोगों ने बड़े चाव से ग्रहण किया। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में सहायक निदेशक डॉक्टर लव कुश, डॉक्टर शैलेंद्र, डॉक्टर मनीष टांक, डॉ मुकेश, डॉ हाड़ा, डॉ मीरा, डॉ सरिता, डॉक्टर आयुषी, डॉक्टर गोपाल, डॉ महेंद्र जाजोरिया, डॉक्टर विनोद और समस्त नर्सिंग स्टाफ ने अपना विशेष समर्पण दिया। यह आरोग्य मेला न केवल स्वदेशी चिकित्सा पद्धति के प्रचार का माध्यम बना, बल्कि डूंगला की टीम ने अपनी औषधि प्रदर्शनी के जरिए स्वस्थ जीवन का मार्ग भी प्रशस्त किया।

Pratahkal Newsroom

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