जिला कलक्टर की बैठक में शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा, हर सप्ताह स्कूलों के निरीक्षण के निर्देश
चित्तौड़गढ़ में जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा हुई। नामांकन, उपस्थिति, रीडिंग, स्कूल निरीक्षण, सुरक्षा, निर्माण कार्य और बाल वाहिनी व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए।

तस्वीर में चित्तौड़गढ़ जिला कलक्टर डॉ. मंजू जिला परिषद सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करती हुई नजर आ रही हैं।
चित्तौड़गढ़। जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में जिला परिषद सभागार में जिला निष्पादन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और विद्यालयों में संचालित गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में नामांकन, रीडिंग कार्यक्रम, संपर्क पोर्टल, भामाशाह सम्मान, पौधारोपण, पट्टा विहीन विद्यालय, विद्यालयों में अतिक्रमण, निर्माण कार्य, हाईटेंशन विद्युत लाइनों से संबंधित विषय, अनैतिक गतिविधियों पर अंकुश, समृद्धि कार्यक्रम और विद्यालयों में संचालित बाल वाहिनी सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
नामांकन एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति पर विशेष जोर
जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने विद्यालयों में नामांकन की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के साथ नियमित उपस्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। विद्यालय स्तर पर नामांकन से वंचित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति, शैक्षणिक प्रगति और ड्रॉपआउट की स्थिति की नियमित समीक्षा की जाए। जिन विद्यार्थियों की उपस्थिति कम है, उनके अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें नियमित विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया जाए।
रीडिंग कार्यक्रम की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
बैठक में रीडिंग कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत और समझ विकसित करने के लिए रीडिंग गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। विद्यालयों में विद्यार्थियों के पठन स्तर की नियमित जांच करते हुए कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रीडिंग कार्यक्रम केवल औपचारिक गतिविधि तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में वास्तविक सुधार दिखाई देना चाहिए।
संपर्क पोर्टल के प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण
संपर्क पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को शिक्षा विभाग से संबंधित शिकायतों और प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा शिकायतकर्ता को संतोषजनक समाधान उपलब्ध करवाया जाए।
भामाशाहों को प्रोत्साहित करने एवं हर सप्ताह सम्मानित करने पर जोर
बैठक में विद्यालय विकास में भामाशाहों और दानदाताओं की भूमिका पर भी चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने कहा कि विद्यालयों के विकास में सहयोग करने वाले भामाशाहों और दानदाताओं को प्रोत्साहित किया जाए तथा उनके सहयोग को उचित रूप से सम्मानित किया जाए। उन्होंने विद्यालयों में उपलब्ध आवश्यकताओं को चिन्हित कर स्थानीय स्तर पर जन सहयोग प्राप्त करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए। साथ ही, भामाशाहों को हर सप्ताह एक दिन सम्मानित करने पर जोर दिया।
विद्यालयों में पौधारोपण और हरित वातावरण विकसित करने के निर्देश
पौधारोपण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने विद्यालय परिसरों में अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ पौधों की नियमित देखरेख और उनके जीवित रहने की स्थिति की भी मॉनिटरिंग की जाए।
बैठक में पट्टा विहीन विद्यालयों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे विद्यालयों की जानकारी संकलित कर आवश्यक प्रक्रिया के तहत प्रकरणों का समाधान करवाने के निर्देश दिए, ताकि विद्यालयों के भवन और अन्य विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
अतिक्रमण एवं विद्यालय परिसरों की सुरक्षा की समीक्षा
विद्यालय परिसरों में अतिक्रमण से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि विद्यालय की भूमि और परिसर को अतिक्रमण से मुक्त रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर स्थिति का सत्यापन करें तथा आवश्यकता होने पर संबंधित विभागों के समन्वय से नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।
विद्यालयों में चल रहे निर्माण और विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कार्य प्रारंभ होने से पूर्व और कार्य पूर्ण होने के बाद के फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से लिए जाएं, ताकि कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की प्रभावी निगरानी की जा सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, निर्धारित मापदंडों और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
सभी सीबीईओ प्रत्येक सप्ताह करें विद्यालयों का निरीक्षण
जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक सप्ताह विद्यालयों का निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति, शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, निर्माण कार्य, पौधारोपण, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया जाए।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को केवल चिन्हित नहीं किया जाए, बल्कि उनके समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
हाईटेंशन विद्युत लाइनों से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा
बैठक में विद्यालयों के आसपास अथवा परिसर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनों से संबंधित प्रकरणों पर भी चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसे प्रकरणों को चिन्हित कर संबंधित विभागों के समन्वय से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालय परिसरों और आसपास किसी भी प्रकार की अनैतिक अथवा अवांछित गतिविधि पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। विद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों की सुरक्षा और अनुशासन के प्रति सजग रहे तथा किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर तत्काल उच्च अधिकारियों को अवगत करवाए।
विद्यालयों में बाल वाहिनी व्यवस्था की समीक्षा
बैठक में विद्यालयों में संचालित बाल वाहिनी व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन को प्राथमिकता देते हुए बाल वाहिनी वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समय-समय पर वाहनों की जांच और आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करने को कहा।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद विनय पाठक ने भी बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी सहित शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षा विभाग से संबंधित सभी योजनाओं, कार्यक्रमों और निर्देशों की प्रभावी एवं समयबद्ध पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए सामने आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करवाया जाए।
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रस्तुत किया एजेंडा
बैठक के प्रारंभ में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद दशोरा ने बैठक का एजेंडा प्रस्तुत कर विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति से जिला कलक्टर को अवगत कराया। उन्होंने विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी दी।
बैठक में डाइट के प्रधानाचार्य राजेंद्र शर्मा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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