चित्तौड़गढ़। जिले के प्रशासनिक मुखिया जिला कलक्टर आलोक रंजन शुक्रवार को रावतभाटा के धरातलीय दौरे पर रहे, जहाँ उन्होंने न केवल विकास की रफ्तार जांची बल्कि व्यवस्थाओं में कोताही बरतने वाले अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी भी दी। एक कुशल रणनीतिकार की भांति कलक्टर ने ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की मैराथन बैठक ली, जिसमें सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता को मिलने वाली सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य केंद्र मनरेगा और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय रहा, जहाँ कलक्टर ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में विभागीय सामंजस्य की कमी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समीक्षा के दौरान नगर पालिका क्षेत्र की सफाई व्यवस्था और मुख्यमंत्री जन आवास योजना की कछुआ चाल को देखकर जिला कलक्टर ने गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्य में तत्काल तेजी लाने के निर्देश दिए। शहर की बुनियादी जरूरतों पर ध्यान केंद्रित करते हुए उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग को बजट घोषणा के तहत स्वीकृत सड़कों के कार्यादेश जल्द से जल्द जारी करने के आदेश दिए, ताकि आमजन को जर्जर सड़कों से निजात मिल सके। संचार व्यवस्था में सुधार के लिए उन्होंने बीएसएनएल अधिकारियों से सीधी चर्चा की और कानून-व्यवस्था की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक के साथ सुरक्षात्मक पहलुओं पर मंथन किया।

प्रशासनिक निरीक्षण का यह सिलसिला केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहा। जिला कलक्टर ने सीएसआर के तहत संचालित अमृत पेयजल योजना का मौके पर जाकर मुआयना किया। इसके बाद वे न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन की सीएसआर गतिविधियों के अंतर्गत संचालित 'उड़ान केंद्र' पहुंचे, जहां महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में चल रहे सिलाई प्रशिक्षण केंद्र को देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। इस दौरे का सबसे भावुक और प्रेरक क्षण वह रहा जब कलक्टर विशेष योग्यजन बच्चों के बीच पहुंचे और उनके साथ आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होकर उनका उत्साहवर्धन किया।

स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी जिला कलक्टर की प्राथमिकता में शीर्ष पर रही। उन्होंने निर्माणाधीन रावतभाटा उप जिला अस्पताल का निरीक्षण कर निर्देश दिए कि क्षेत्र की महिलाओं और विशेषकर गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य मानकों में सुधार के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। साथ ही, वयोवंदन कार्ड पंजीकरण के लक्ष्यों को समय सीमा में पूर्ण करने की हिदायत दी। इस पूरे दौरे के दौरान उनके साथ अतिरिक्त जिला कलक्टर विनोद मल्होत्रा, स्थानीय उपखंड अधिकारी, तहसीलदार एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कलक्टर रंजन का यह दौरा न केवल सरकारी मशीनरी को सक्रिय करने वाला रहा, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।

Pratahkal Newsroom

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