चित्तौड़गढ़: नववर्ष की पूर्व संध्या पर कलेक्ट्री चौराहे पर उमड़ा जनसैलाब, सवा क्विंटल दूध पिलाकर दिया नशा मुक्ति का संदेश
चित्तौड़गढ़ में नववर्ष की पूर्व संध्या पर सुख सेवा संस्थान द्वारा कलेक्ट्री चौराहे पर एक अनूठी नशा मुक्ति मुहिम चलाई गई। भीषण ठंड के बीच सवा क्विंटल मेवे युक्त दूध पिलाकर राहगीरों को नशे के विरुद्ध जागरूक किया गया। इस गौरवमयी आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों ने भाग लेकर नशा मुक्त भारत का संकल्प लिया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

चित्तौड़गढ़। कैलेंडर की तारीखें बदलने के साथ ही जब पूरी दुनिया जश्न के शोर में डूबी थी, तब ऐतिहासिक नगरी चित्तौड़गढ़ के कलेक्ट्री चौराहे पर सामाजिक सरोकार की एक अनूठी इबारत लिखी जा रही थी। बुधवार शाम कड़ाके की ठंड और ठिठुरती ओस के बीच 'सुख सेवा संस्थान नशा मुक्ति व पुनर्वास केंद्र' द्वारा एक अभिनव पहल की गई। संस्थान ने नववर्ष के आगमन की पूर्व संध्या पर 'नशे को कहें ना, दूध को कहें हां' के संकल्प के साथ आमजन को सवा क्विंटल गर्म दूध का सेवन कराया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाना और नागरिकों को उनके स्वास्थ्य एवं परिवार के प्रति जिम्मेदार बनाना था, ताकि एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण हो सके।
कलेक्ट्रेट चौराहे पर आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में गुजरने वाले हर राहगीर को मनुहार कर सूखे मेवों से युक्त पौष्टिक दूध पिलाया गया। कड़ाके की ठंड में केसरिया और मेवों की खुशबू से महकता यह दूध न केवल शरीर को ऊर्जा दे रहा था, बल्कि युवाओं को नशे की गर्त से बाहर निकलने का मौन संदेश भी दे रहा था। लगभग एक घंटे तक चले इस अभियान में शहरवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों का संस्थान द्वारा ऊपरना ओढ़ाकर भावभीनी स्वागत किया गया। उपस्थित प्रबुद्धजनों ने संस्थान के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ही समाज में सकारात्मक बदलाव की नींव रखते हैं।
इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में सुख सेवा संस्थान के सदस्यों और समर्पित स्टाफ का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के दौरान गफ्फार पठान, जितेंद्र सिंह तोमर, विनय पालीवाल, कन्हैया लाल, कमलेश, चौन सिंह, पवन, बिजेंद्र सिंह, अजय साजवान और शोएब सहित पूरी टीम मुस्तैद रही। संस्थान की इस पहल ने यह स्पष्ट कर दिया कि उत्सव केवल शोर-शराबे का नाम नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जवाबदेही निभाने का भी एक अवसर है। कलेक्ट्री चौराहे पर उमड़ी यह भीड़ इस बात की गवाह बनी कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो जागरूकता की एक छोटी सी लौ भी समाज से नशे के अंधकार को मिटा सकती है।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
