चित्तौड़गढ़: गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर संकीर्तन रैली
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में संतों के नेतृत्व में 40 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम प्रशासन को सौंपा ज्ञापन।

चित्तौड़गढ़ के सुभाष चौक से कलेक्ट्रेट तक निकाली गई 'गौ सम्मान आह्वान अभियान' रैली में शामिल संत और गौभक्त, 27 अप्रैल 2026।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में गौ माता को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाने और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर 'गौ सम्मान आह्वान अभियान' के तहत एक भव्य और ऐतिहासिक रैली का आयोजन किया गया। संतों के पावन सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में चित्तौड़गढ़ तहसील से 21 हजार हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना पत्र को प्रशासनिक माध्यम से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर बैठे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया। सुभाष चौक से कलेक्ट्रेट चौराहे तक निकाली गई इस विशाल संकीर्तन रैली में संतों, गौभक्तों और गौसेवकों ने सर्वसम्मति से गौवंश के संरक्षण और संवर्धन हेतु अपनी आवाज बुलंद की।
अभियान के दौरान संतों और गौसेवकों ने एक स्वर में कहा कि इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करवाना, देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करना और गोवर्धन संस्कृति के संरक्षण हेतु ठोस सरकारी नीतियां बनवाना है। एसडीएम कार्यालय पर सौंपे गए प्रार्थना पत्र में कुल 40 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं। उपस्थित संतों ने सरकार से पुरजोर आग्रह किया कि गौ रक्षा के लिए कड़ा केंद्रीय कानून बनाया जाए, जिसमें गौहत्या और गौतस्करी में लिप्त अपराधियों को आजीवन कारावास का कड़ा प्रावधान हो। साथ ही मांग की गई कि तस्करों से जब्त किए गए वाहनों को गौशालाओं के उपयोग हेतु हस्तांतरित किया जाए। इसके अतिरिक्त, गोबर और गोमूत्र पर आधारित अनुसंधान विश्वविद्यालय स्थापित करने, आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में पंचगव्य औषधियों का निःशुल्क वितरण सुनिश्चित करने तथा समस्त सरकारी भवनों में गोबर पेंट और 'गौनाइल' का उपयोग अनिवार्य करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
प्रशासनिक और नीतिगत सुधारों के अंतर्गत गौशालाओं को मनरेगा योजना से जोड़ने, बिजली बिलों में विशेष छूट प्रदान करने और निराश्रित गौवंश के लिए चारे की समुचित व्यवस्था करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदु ज्ञापन में शामिल किए गए। गौरव सोमानी ने बताया कि यह अभियान पूरी तरह अहिंसक रहा, जिसमें संकीर्तन, प्रार्थना और जनजागरण के माध्यम से अपनी बात रखी गई। रैली में संत दिग्विजय राम, 1008 मुगना धाम अनुज दास, मूंगाना धाम रामपाल दास, शिवरामदास महाराज, राघवनाथ सरकार और संत विनोद यति सहित कई संत उपस्थित रहे। आयोजन में सभी धर्मों के लोगों और विशेषकर मातृशक्ति का अभूतपूर्व योगदान रहा, जिन्होंने सामाजिक समरसता और एकता का परिचय देते हुए गौ सम्मान हेतु प्रतिबद्धता जताई। अंत में चेतावनी दी गई कि यदि इन मांगों पर अपेक्षित उत्तर प्राप्त नहीं हुआ, तो आगामी 27 जुलाई को पुनः संपूर्ण जिले से लाखों गौभक्त एकत्रित होकर चरणबद्ध रूप से आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे।

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