चित्तौड़गढ़। शहर में गहराते नागरिक संकट और प्रशासनिक उदासीनता के विरुद्ध आवाज बुलंद करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमोद सिंह सिसोदिया के निर्देशानुसार कांग्रेस हेरिटेज जोन मंडल ने नगर परिषद का घेराव किया। आवारा सांडों और कुत्तों के आतंक, बंद पड़ी रोड लाइटों, टूटे हुए नाली चैम्बरों और सड़कों की बदहाली को लेकर सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए नगर परिषद कार्यालय कूच किया। यहाँ कार्यकर्ताओं ने आयुक्त से भेंट कर शहर की ज्वलंत समस्याओं के समाधान हेतु एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

आवारा पशुओं के आतंक से जनजीवन अस्त-व्यस्त

ज्ञापन में प्रमुखता से उठाया गया कि पिछले कुछ समय से नगर परिषद की घोर लापरवाही और अनदेखी के चलते शहर में आवारा सांडों की संख्या अत्यधिक बढ़ गई है, जिससे आमजन का जीना दूभर हो गया है। "इनके आतंक का आलम यह है कि प्रातः प्रभात फेरी में लगे भक्तों सहित रमजान में रोजेदार इनसे खासे परेशान है। ये आवारा सांड कभी भी कहीं भी आपस में लड़ते हुए नुकसान पहुँचाते है, वही राह चलते राहगीरों पर अचानक से बेवजह से हमला करने लग जाते हैं।" प्रभात फेरी के दौरान अंधेरे में चलने वाले भक्तों और रमजान के सायंकाल व तराबी के समय भी इन पशुओं से जान का खतरा बना रहता है। ढूँचा बाजार, पावटा चौक, लौहार मोहल्ला, कपड़ा बाजार, चन्दनपुरा, देहली गेट, गोल प्याऊ, प्रजापत मार्केट, सब्जी मण्डी, खटीक मोहल्ला, इमाम बाड़ा, जूना बाजार, गांधी चौक, मिठाई गली और उपरला पाड़ा में सांडों का जबरदस्त आतंक फैला हुआ है।

अंधेरे में डूबा शहर और बढ़ती चोरी की वारदातें

परिषद की अनदेखी के कारण मोहर मंगरी से लेकर मानपुरा स्थित खामका बालाजी तक की रोड लाइटें पूरी तरह बदहाल हैं। कार्यकर्ताओं ने बताया कि रोड लाइटें बंद रहने से अंधेरे का फायदा उठाकर चोरों के हौंसले बुलंद हैं। भीलों की बस्ती से लेकर जौहर भवन आकाशवाणी तक का इलाका लगभग पूर्णतः अंधेरे में डूबा रहता है, जहाँ चोरी की वारदातें निरंतर बढ़ रही हैं। सड़कों की दुर्दशा और जगह-जगह टूटे नाली के चैम्बरों ने जनता की परेशानी को दोगुना कर दिया है। हेरिटेज जोन मंडल की लगभग सभी सड़कें जर्जर अवस्था में पहुँच चुकी हैं।

सरकारी विफलताओं और आवास योजना पर प्रहार

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सांडों का आतंक, रोड लाइटों और सड़कों की यह दुर्दशा न केवल नगर परिषद बल्कि वर्तमान राज्य सरकार के दो-ढाई वर्ष के खराब कार्यकाल और भारी विफलता को दर्शाती है। नगर परिषद अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह भटक चुकी है और पूर्व में आवास योजना के नाम पर 2-2 हजार की रसीदें काटने के बावजूद आज दिन तक पात्र लोगों को आवास का कब्जा नहीं दिया गया है। इसके अतिरिक्त, गांधीनगर सामुदायिक भवन के पास पिछले एक महीने से टूटा पड़ा नाला अब तक नहीं बनाया गया है, जिससे गली का रास्ता बंद है और वार्डवासी परेशान हैं। सेगवा हाउसिंग बोर्ड और चर्च के आसपास कुत्तों के जमावड़े व काटने की घटनाओं ने बच्चों और पैदल चलने वालों के मन में भय पैदा कर दिया है।

प्रशासन को चेतावनी और उग्र आंदोलन का अल्टीमेटम

ज्ञापन के माध्यम से पुराने शहर में लटकती बिजली की केबलों को ऊपर करने और आगामी त्योहारों को देखते हुए सांडों को पकड़कर अन्यत्र छोड़ने की मांग की गई। "आयुक्त द्वारा 15 दिन में समस्याओं को सुलझाने का आश्वासन दिया गया है, लेकिन यदि यही हाल रहा तो कांग्रेस हेरिटेज जोन मंडल के तत्वावधान में उग्र आन्दोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं प्रशासन व सरकार की होगी।" इस विरोध प्रदर्शन में इम्तियाज हुसैन लौहार, रमेशचन्द्र लड्ढा, कृष्ण कुमार डागा, विनोद लड्ढा, अजय लोट, पवन मेड़तवाल, अनिल भारद्वाज, महेन्द्र छापरवाल, भूपेन्द्र गिरी, जयसिंह, अशोक खटीक, इकबाल अब्बासी, खुसरो कमाल, मोहसीन खान, रफीक, मुद्दसर पठान, नवाब, रमेश बुनकर, प्यार खटीक, हितेश पंवार, शाकीर हुसैन, सिद्दीक खान, सद्दाम शोरगर, आरीफ, गौरव कुमावत, शांतिलाल भील, नमन कीर, मोनू खान, वसीम, जावेद खान, अमजद खान, आलोक, विजय, शेरा, शब्बीर लौहार, फरीद, इफ्तिकारी छीपा, गोपाल छीपा, शहजाद अब्बासी, श्यामसिंह, दीपक, अनुराग, संदीप, फतहलाल, आकाश और बंटी सहित सैंकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

Pratahkal Bureau

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