चित्तौड़गढ़: जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने चिकित्सा अधिकारियों की बैठक में दिए कड़े निर्देश
जिला कलक्टर ने एनीमिया नियंत्रण, आयुष्मान योजना और अस्पतालों में साफ-सफाई की समीक्षा कर चिकित्सा अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

चित्तौड़गढ़ जिला परिषद सभागार में सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जिला कलक्टर डॉ. मंजू (मध्य), अतिरिक्त कलक्टर रामचंद्र खटीक और सीएमएचओ डॉ. ताराचंद गुप्ता चिकित्सा अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हेतु निर्देशित करते हुए।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में आमजन को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने चिकित्सा तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सोमवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित जिले के समस्त चिकित्सा अधिकारियों एवं ब्लॉक चिकित्सा अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक मरीज को समय पर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जिले के सभी चिकित्सालयों एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सा सेवाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करने हेतु निर्देशित किया।
बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले सभी मरीजों का समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से भर्ती मरीजों की संपूर्ण मेडिकल हिस्ट्री अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए, ताकि उपचार की प्रक्रिया अधिक सटीक एवं प्रभावी ढंग से संचालित हो सके। बाल स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए डॉ. मंजू ने बच्चों में एनीमिया की समस्या को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए और आयरन डोज वितरण की निर्धारित समय-सारणी का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर आशा सहयोगिनी, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से बच्चों की नियमित ऊंचाई एवं वजन मापन करवाने के निर्देश दिए गए, जिससे कुपोषण एवं एनीमिया की समय पर पहचान कर आवश्यक उपचार संभव हो सके।
आधिकारिक समीक्षा के क्रम में जिला कलक्टर ने टीबी मुक्त भारत अभियान, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना एवं टीकाकरण कार्यक्रमों की प्रगति जांची और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने हेतु पाबंद किया। उन्होंने बल दिया कि इन जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना अनिवार्य है। स्वास्थ्य संस्थानों की बुनियादी व्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने सभी चिकित्सालयों, उप स्वास्थ्य केंद्रों एवं राजकीय भवनों में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने तथा जर्जर भवनों का उपयोग बंद कर आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव कार्य प्राथमिकता से करवाने के निर्देश दिए। इस उच्च स्तरीय बैठक में अतिरिक्त कलक्टर रामचंद्र खटीक और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ताराचंद गुप्ता सहित चिकित्सा विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का यह कदम जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आमजन को त्वरित राहत प्रदान करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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