स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से चित्तौड़गढ़ के स्वास्थ्य भवन सभागार में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. ताराचन्द गुप्ता की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान सीएमएचओ ने समस्त खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (बी.सी.एम.ओ.), बी.पी.एम. एवं खंड आशा पर्यवेक्षकों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि आगामी बढ़ते तापमान और हीटवेव की स्थिति को देखते हुए समस्त चिकित्सा संस्थानों पर माकूल प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने चिकित्सा प्रभारियों को पेयजल व्यवस्था, बेड आरक्षण, पंखें, कूलर, ए.सी. और वाटर कूलर की शत-प्रतिशत क्रियाशीलता बनाए रखने के निर्देश दिए ताकि आमजन को राहत मिल सके।

बैठक में केंद्र सरकार के 'टी.बी. मुक्त भारत अभियान' के तहत 100 दिवसीय कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिला क्षय रोग अधिकारी (डी.टी.ओ.) डॉ. राकेश भटनागर ने खंड भूपालसागर, राशमी और भदेसर को उत्तरोत्तर प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निक्षय पोषण योजना के तहत अधिक से अधिक 'निक्षय मित्र' बनाए जाने पर विशेष बल दिया। इसी क्रम में जिला औषधि भंडार प्रभारी डॉ. कमलेश शर्मा ने मुख्यमंत्री निरोगी राजस्थान योजना के अंतर्गत दैनिक ओपीडी पर्चियों का ई-औषधि सॉफ्टवेयर पर शत-प्रतिशत इंद्राज करने के निर्देश दिए। उन्होंने दवाओं के मांग पत्र और एनओसी को निर्धारित समय पर पूरा करने की अनिवार्यता बताई।

उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. पुनीत कुमार तिवारी ने मौसमी बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और लू-तापघात की रोकथाम के लिए दैनिक सर्वे, एंटीलार्वा, एंटीएडल्ट और सोर्स रिडक्शन गतिविधियों को निरंतर चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने नरेगा साइट्स पर ओ.आर.एस. और दवा किट उपलब्ध कराने तथा शाम के समय आवश्यकतानुसार फॉगिंग करवाने पर जोर दिया। डॉ. तिवारी ने स्पष्ट किया कि लू-तापघात से मरीजों की सुरक्षा और उपचार चिकित्सा अधिकारी की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। वहीं, जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रियंका वर्मा ने नियमित टीकाकरण सहित एफसीएम और एचपीवी टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा की।

बैठक में एनएचएम गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण डीपीएम विनायक मेहता द्वारा किया गया। सीएमएचओ डॉ. गुप्ता ने ब्लॉकवार लक्ष्यों और उपलब्धियों की गहन समीक्षा करते हुए चेतावनी दी कि विभागीय कार्यों के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ओडीके ऐप के माध्यम से निरीक्षण, संस्थागत प्रसव, प्रसव पूर्व एवं पश्चात जांच और मिसिंग डिलीवरी की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही आगामी दो दिनों में 108 एम्बुलेंस सेवा का ऑनलाइन औचक निरीक्षण करने की घोषणा की। बैठक में बीएचएस श्री खुशवन्त कुमार हिण्डोनिया, जिला डाटा मैनेजर आईडीएसपी, डॉ. दिग्विजय सिंह, नरपत सिंह, रिंकू मीणा, देवीलाल भील आशा कोर्डिनेटर सहित अन्य सलाहकार एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। यह बैठक जिले में स्वास्थ्य मानकों की गुणवत्ता और चिकित्सा प्रबंधन को नई दिशा देने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रही।

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