चित्तौड़गढ़। जिले में बुधवार को नगर निकाय चुनाव के पहले चरण के तहत लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बीच शहरों की नई सरकार चुनने के लिए मतदान हुआ। जिले के तीन नगर निकायों के 130 वार्डों में 173 मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चित्तौड़गढ़ नगर परिषद क्षेत्र के 60 वार्डों के लिए मतदान हुआ। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। नए और युवा मतदाताओं में लोकतंत्र के इस पर्व को लेकर खासा उत्साह और उमंग दिखाई दी। जिले में सर्वाधिक 84.36 प्रतिशत मतदान बेगू नगर पालिका में हुआ, जबकि चित्तौड़गढ़ नगर परिषद में 67.87 प्रतिशत और रावतभाटा नगर पालिका में 66.82 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

चुनाव प्रक्रिया के दौरान मधुबन स्थित मतदान केंद्र पर सांसद सीपी जोशी और स्थानीय विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने साथ पहुंचकर मतदान किया। मतदान के बाद मीडिया से बातचीत में सांसद सीपी जोशी ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव एक बहुत बड़ा उत्सव है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 5 वर्षों के दौरान कांग्रेस सरकार ने अपने राजनीतिक फायदे और कुर्सी बचाने के चक्कर में अलग-अलग समय पर चुनाव कराकर पूरे राजस्थान को लगातार इलेक्शन मोड में रखा, जिससे विकास प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि भजनलाल सरकार ने वन स्टेट, वन इलेक्शन की सोच के साथ प्रदेश के नगर निकाय चुनाव 9 और 11 तारीख को दो चरणों में कराने का फैसला किया है, जिसका पहला चरण है। सांसद ने विश्वास जताया कि शहर के लोग स्वच्छता, सुंदरता, हरियाली और सर्वांगीण विकास के लिए ट्रिपल इंजन की सरकार बनाने को आतुर हैं। विधायक आक्या ने कहा कि डबल इंजन सरकार के कामकाज से जनता में विकास की नई उम्मीद जगी है। निकायों में तेज गति से विकास कार्य कराने के लिए आम जनता भारतीय जनता पार्टी का बोर्ड बनाने के लिए पूरी तरह एकजुट और आतुर नजर आ रही है।

शहर की नई सरकार चुनने के लिए हुए निकाय चुनाव में इस बार कई क्षेत्रों में मतदान की रफ्तार धीमी रही। मतदाताओं में किसी खास उत्साह का अभाव दिखाई दिया, जिसके कारण कई वार्डों में मतदान प्रतिशत में भारी गिरावट दर्ज की गई। कम वोटिंग के चलते मतदान केंद्रों के बाहर खड़े कई दिग्गज प्रत्याशियों के चेहरों पर दिनभर मायूसी रही। वहीं, जिन चंद वार्डों में मतदान ठीक-ठाक रहा, वहां प्रत्याशियों के चेहरों पर राहत और खुशी दिखाई दी। वार्डों के सियासी समीकरण और मतदान के आंकड़ों ने भाजपा और कांग्रेस दोनों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। जिन वार्डों में मतदान प्रतिशत कम रहा, वहां सत्तारूढ़ भाजपा प्रत्याशी की जीत पर सीधा संकट खड़ा होता दिखाई दिया। कम मतदान को पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक की बेरुखी से जोड़कर देखा जा रहा है। दूसरी ओर, जिन वार्डों में 70 प्रतिशत से अधिक की बंपर वोटिंग हुई, वहां कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए हार का खतरा गहराने लगा है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, उच्च मतदान प्रतिशत अक्सर बदलाव या नाराजगी का संकेत माना जाता है।

सुबह होते ही मतदान केंद्रों के बाहर विभिन्न राजनीतिक दलों के बूथ सज गए और समर्थकों ने मोर्चा संभाल लिया। हालांकि, मतदान केंद्रों के भीतर प्रक्रिया काफी धीमी गति से शुरू हुई। दिनभर सुस्त रफ्तार से चले मतदान के बीच चुनावी गरमा-गर्मी बनी रही। कुछ अति-संवेदनशील केंद्रों के बाहर हल्की-फुल्की हिंसक झड़पें और समर्थकों के आपस में उलझने की खबरें भी सामने आईं। मौके पर मौजूद पुलिस जाब्ते ने त्वरित कार्रवाई करते हुए समर्थकों को समझाइश दी और स्थिति बिगड़ने से पहले ही शांत करा दिया। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने वरिष्ठ अधिकारी सड़कों पर उतरे। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह, अति. पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा, उपाधीक्षक बृजेश सिंह, सदर थानाधिकारी प्रेम सिंह और कोतवाल रजनीश कुमार सहित भारी पुलिस जाब्ता दिनभर मतदान केंद्रों का जायजा लेता रहा। अधिकारियों की लगातार गश्त और कड़े सुरक्षा घेरे के चलते कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई और छिटपुट घटनाओं को छोड़कर पूरा चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। अब सभी प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है और प्रत्याशी नतीजों के जोड़-तोड़ में जुट गए हैं।

नगरीय निकाय आम चुनाव के तहत मतदान दिवस पर जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. मंजू ने विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर मतदान प्रक्रिया और निर्वाचन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. मंजू ने उप जिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश धाकड़ एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा सहित संबंधित अधिकारियों के साथ राउप्रावि कुंभानगर, गाड़िया लोहार स्कूल तथा महाराणा प्रताप महाविद्यालय स्थित मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदान केंद्रों पर तैनात मतदान दलों से अब तक संपन्न मतदान प्रक्रिया की जानकारी ली और मतदान केंद्रों पर उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं, व्यवस्थाओं एवं मतदान की प्रगति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने मतदान दलों को राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से मतदान प्रक्रिया संपन्न कराने के निर्देश दिए।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से बात कर मतदान केंद्रों पर उनके लिए की गई व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि मतदान के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो तथा मतदान केंद्रों पर आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध रहें। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग एवं अन्य मतदाताओं की सुविधा का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने मतदान केंद्रों पर सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति का भी जायजा लिया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मतदान प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी स्थिति में निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित न होने देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मतदान केंद्रों पर स्काउट-गाइड एवं विद्यालयों के स्वयंसेवक बुजुर्ग मतदाताओं की सहायता करते नजर आए। बूथ नंबर 68 पर 83 वर्षीय सुशीला देवी अग्रवाल ने स्काउट-गाइड के सहयोग से मतदान किया। वहीं 75 वर्षीय सुशीला सोमानी अपने पुत्र अशोक और पुत्रवधू अनीता के साथ मतदान केंद्र पहुंचीं। कई बुजुर्ग मतदाता बेटे-बहू के साथ सपरिवार मतदान करने पहुंचे। महिलाओं में भी मतदान को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। नवमतदाता सुहानी पाराशर ने नगर पालिका कॉलोनी स्थित शिशु घर विद्यालय के बूथ पर पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मेडिकल टीम भी उपलब्ध रही। मतदान संपन्न होने के साथ ही तीनों निकायों के सभी प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है।

Piyush Mundara, Chittorgarh

Piyush Mundara, Chittorgarh

नाम: पियूष मूंदड़ा

वर्तमान पद: संवाददाता

कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)

अनुभव: साल 2013 से

विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग

बीट और कवरेज 

  • स्थानीय समाचार: चित्तौड़गढ़ जिला और संबंधित तहसीलों की सभी स्थानीय खबरों की नियमित कवरेज।
  • क्राइम एवं वन्य जीव: पुलिस कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, अपराध संबंधी घटनाओं के साथ-साथ वन्य जीव और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • राजनीति: स्थानीय निकाय, संगठनात्मक गतिविधियां और क्षेत्रीय राजनीतिक घटनाक्रम।
  • प्रशासन: सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक निर्णय, जनसुनवाई और विकास कार्यों की समीक्षा।
  • शिक्षा एवं स्वास्थ्य: शैक्षणिक संस्थानों की गतिविधियां, विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे, चिकित्सा सेवाएं और स्वास्थ्य योजनाओं का कवरेज।
  • बिज़नेस: स्थानीय बाजार, व्यापारिक गतिविधियां और आर्थिक समाचार।

शैक्षणिक योग्यता

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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