चित्तौड़गढ़ में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के उन्मूलन के उद्देश्य से विकल्प संस्थान द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव की ठोस पहल की है।

अभियान के तहत भुपालसागर तहसील के काकरंवा, चुंडावत खेड़ी और निलोद गांवों में संस्थान की टीम द्वारा नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया गया। इन नाटकों के माध्यम से बाल विवाह के कारण होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों को सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिससे ग्रामीणों पर गहरा प्रभाव पड़ा और विषय के प्रति संवेदनशीलता बढ़ी।

इसके साथ ही नारा लेखन, पंपलेट वितरण और संवाद कार्यक्रमों के जरिए भी लोगों को जागरूक किया गया। अभियान के दौरान ग्रामीणों को स्पष्ट रूप से समझाया गया कि बाल विवाह न केवल बच्चों के भविष्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है। लोगों से अपील की गई कि वे इस कुप्रथा को रोकने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं और समाज को सुरक्षित व सशक्त दिशा में आगे बढ़ाएं।

अभियान के अंतर्गत लगभग 900 से अधिक लोगों तक सीधे तौर पर जागरूकता संदेश पहुंचाया गया। कार्यक्रम में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे इस पहल को और अधिक मजबूती प्राप्त हुई।

इस दौरान विकल्प संस्थान की पूरी टीम मौजूद रही। अभियान में जितेन्द्र, ओमप्रकाश, इंद्रा, रीना, महेंद्र, वैशाली, योगेश्वरी और कोमल सहित संस्थान के प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि बाल विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और सुरक्षित भविष्य मिल सके।

Pratahkal Bureau

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