चित्तौड़गढ़ में 2700 करोड़ का खाद संयंत्र: चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में जनसुनवाई, किसानों को होगा सीधा लाभ
चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में 2700 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले खाद संयंत्र को लेकर सगरा माता मेला परिसर में जनसुनवाई आयोजित हुई। प्रस्तावित प्लांट से 10 लाख टन खाद उत्पादन, किसानों को लाभ और करीब 5 हजार रोजगार के अवसर मिलने की संभावना जताई गई।

चित्तौड़गढ़। उच्चतम तकनीक से संचालित होने वाले खाद के कारखाने की स्थापना को लेकर चित्तौड़गढ़ के सगरा माता मेला परिसर में आयोजित जनसुनवाई में क्षेत्रीय विकास, किसानों को लाभ और रोजगार के नए अवसरों की संभावनाएं प्रमुख रूप से सामने आईं। हिन्दुस्तान जिंक के चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में स्थापित किये जाने वाले इस खाद संयंत्र को लेकर आयोजित जनसभा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा आयोजित की गई।
प्रशासन की ओर से अतिरिक्त कलक्टर रामचंद्र खटीक, क्षेत्रीय अधिकारी आशीष बोरासी और उपखंड अधिकारी गंगरार पुनित कुमार गेलड़ा ने जिंक स्मेल्टर परिसर में प्रस्तावित खाद संयंत्र पर ग्रामीणों के विचार रिकॉर्ड और कलमबद्ध किए। जनसुनवाई में हिन्दुस्तान जिंक चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर के लोकेशन हेड आलोक रंजन ने प्रस्तावित परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि खाद उत्पादन के लिए चित्तौड़गढ़ में शुरू होने वाले इस प्लांट से राजस्थान तथा निकटवर्ती क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस कारखाने की उत्पादन क्षमता दो चरणों में 10 लाख टन प्रतिवर्ष होगी, जिसमें डाई अमोनियम फॉस्फेट, नाईट्रोजन फॉस्फोरस पोटेशियम तथा अमोनियम फॉस्फेट सल्फेट का उत्पादन किया जाएगा। फॉस्फेट खाद के उत्पादन से पूरे राजस्थान के किसानों को लाभ मिलेगा और उनकी पैदावार में बढ़ोतरी होगी। इस कारखाने के शुरू होने के बाद खाद की मांग और पूर्ति में संतुलन आएगा तथा राजस्थान फर्टिलाइजर खाद के मामले में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
आलोक रंजन ने बताया कि इस संयंत्र के निर्माण में 2700 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है। इसमें दुनिया की बेहतरीन तकनीक एचडीएच और पीएनप्लस का उपयोग किया जाएगा, जिससे खाद के हर दाने में पोषक तत्व एक समान रहेंगे। धूल मुक्त और मजबूत दाने होने से किसानों को खाद डालने में सुविधा होगी और भंडारण में भी समस्या नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि यह कारखाना अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित होगा, जिसमें पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाएगा और शून्य प्रदूषण सुनिश्चित किया जाएगा। वर्तमान कारखाने में उत्पादित सल्फ्युरिक एसिड का उपयोग इस संयंत्र में कच्चे माल के रूप में किया जाएगा तथा लगभग 100 करोड़ रुपये सुरक्षा और पर्यावरण क्षेत्र में उच्च औद्योगिक मानकों के लिए खर्च किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना से आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा। कारखाना निर्माण के दौरान और इसके शुरू होने के बाद लगभग 5 हजार व्यक्तियों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा। मकान किराया, भूमि किराया, व्यापार में वृद्धि, किराणा, सब्जी, ढाबे, होटल, यातायात, टेम्पो और टैक्सी, ट्रक, कपड़ा व्यवसाय, सिलाई और विद्यालय जैसे कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
आलोक रंजन ने बताया कि सामाजिक सुविधाओं के विकास के तहत चिकित्सा सुविधाएं, वंचितों को शिक्षा और स्वयं सहायता समूहों के गठन जैसे प्रयास किए जाएंगे। इस संयंत्र से राज्य को कर के रूप में राजस्व प्राप्त होगा और स्थानीय समुदाय के लिए खाद आसानी से उपलब्ध होगी। देश और प्रदेश में लगातार बढ़ती खाद की आवश्यकता को देखते हुए यह संयंत्र महत्वपूर्ण साबित होगा।
जनसुनवाई के दौरान उपस्थित ग्रामवासियों ने समुदाय विकास और रोजगार की मांग रखी। ग्रामीणों ने स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने तथा क्षेत्र के शिक्षित युवाओं को अधिक से अधिक जिं़क कौशल विकास केंद्र से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने हिन्दुस्तान जिंक के सीएसआर कार्यक्रमों से अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर लाभान्वित करने की बात कही। ग्रामीणों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में अधिक विकास होना चाहिए ताकि उनके जीवन स्तर में और सुधार हो सके।
जनसुनवाई के अंत में चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स के लोकेशन हेड आलोक रंजन ने ग्रामवासियों को विश्वास दिलाया कि जिं़क प्रबंधन द्वारा आसपास के क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्लांट में रोजगार के लिए 80 प्रतिशत स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिसमें महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। रोजगार की समस्या को दूर करने के लिए युवाओं और स्थानीय लोगों को सेना, पुलिस, सीआरपीएफ तथा अग्निवीर भर्ती के लिए उच्च स्तरीय कोचिंग सेंटर से जोड़कर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पशुधन किसानों की सबसे बड़ी पूंजी है, जिसके लिए पशु बीमा सुनिश्चित किया जाएगा। मिनरल मिक्सचर की आपूर्ति की जा रही है और समाधान परियोजना के माध्यम से किसानों को ड्रिप इरिगेशन, आधुनिक खेती की ट्रेनिंग और उन्नत खेती के लिए एक्सपोजर विजिट जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। समय-समय पर निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं।
पीने के पानी की व्यवस्था के लिए आरओ वाटर एटीएम, ओवरहेड टैंक, पानी की पाइपलाइन, ओपन वेल और घर-घर शुद्ध पेयजल के लिए आरओ वाहन एटीएम की व्यवस्था की जा रही है। गर्मियों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी के टैंकर भी संचालित किए जा रहे हैं। गांवों की जमीन को अधिक उपजाऊ बनाने के लिए रिसर्च इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर टाई-अप किया जाएगा, जिसका पूरा खर्च हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा वहन किया जाएगा।
जनसभा में जगदीश जाट, सुभाष शर्मा, महिपाल सिंह, चंद्रभान सिंह, कालूराम जाट, देवकिशन जाट, रवीन्द्र सिंह, परमेश्वर जाट, देवकिशन जाट, राजू सिंह, रमेश जाट, ज्योति जोशी, प्रियंका जांगीड, शीतल मेनारिया, गोटिया चुंडावत, मिटठूलाल, श्याम लाल मेनारिया, हरीश बैरवा, रिंकू मेघवाल, दुर्गेश तिवारी, नितेश जाट और हेमंतराज तेली सहित अन्य अतिथि, आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीण, युवा महिलाएं तथा हिन्दुस्तान जिं़क की सीएसआर परियोजनाएं सखी, समाधान, खुशी, शिक्षा संबल, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लाभार्थी उपस्थित थे।
इस जनसुनवाई ने स्पष्ट संकेत दिया कि प्रस्तावित खाद संयंत्र न केवल किसानों की जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि चित्तौड़गढ़ और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार, व्यापार और सामाजिक विकास की नई दिशा भी तय करेगा।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
