चित्तौड़गढ़: आगामी जनगणना 2027 के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित
कलेक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला में डिजिटल डेटा संग्रहण, CMMS पोर्टल और मकान सूचीकरण के तकनीकी प्रबंधन हेतु अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।

चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट स्थित ग्रामीण विकास सभागार में आयोजित जनगणना 2027 प्रशिक्षण कार्यशाला में मंचासीन जिला कलेक्टर डॉ. मंजू, अतिरिक्त कलेक्टर प्रभा गौतम और अन्य प्रशासनिक अधिकारी।
चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में आगामी जनगणना 2027 के महाभियान को सुव्यवस्थित, सटीक और प्रभावी ढंग से संपन्न कराने की दिशा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया गया। कलक्ट्रेट परिसर स्थित ग्रामीण विकास सभागार में प्रथम चरण के मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना हेतु एक दिवसीय जिला एवं चार्ज स्तरीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया। इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला की अध्यक्षता जिला कलक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ. मंजू तथा जिला जनगणना अधिकारी एवं अतिरिक्त कलक्टर प्रभा गौतम द्वारा की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि सटीक और विश्वसनीय जनगणना आंकड़े ही किसी भी राष्ट्र की प्रभावी विकास योजनाओं की सबसे मजबूत आधारशिला होते हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जन कल्याणकारी योजनाओं के सटीक निर्धारण, संसाधनों के उचित आवंटन और धरातल पर उनके प्रभावी क्रियान्वयन में इन आंकड़ों की भूमिका अत्यंत निर्णायक है, अतः सभी अधिकारी इस कार्य को मात्र प्रशासनिक प्रक्रिया न समझकर एक 'राष्ट्रीय कर्तव्य' मानें और पूर्ण निष्ठा, जिम्मेदारी एवं गंभीरता के साथ समय सीमा में संपादित करें।
जिला जनगणना अधिकारी प्रभा गौतम ने इसे राष्ट्रीय स्तर का एक विराट महाभियान बताते हुए कहा कि जनगणना का निष्पादित कार्य ही आमजन के भविष्य की योजनाओं का आधार बनता है, इसलिए कार्यों के सफल और त्रुटिरहित निष्पादन में कोई कोताही नहीं बरती जानी चाहिए। इस कार्यशाला में जिले के समस्त उपखण्ड अधिकारियों, जिला जनगणना अधिकारियों और संबंधित चार्ज अधिकारियों को जनगणना की सूक्ष्म बारीकियों और तकनीकी प्रबंधन का गहन प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के जनगणना विभाग से आए उप निदेशक एवं राष्ट्रीय प्रशिक्षक डॉ. पुलकेश शर्मा ने तकनीकी सत्र का संचालन किया। उन्होंने अधिकारियों को सचेत किया कि जनगणना 2027 पूर्णतः एक चरणबद्ध और डिजिटल प्रक्रिया है, जिसमें डेटा संग्रहण के दौरान शत-प्रतिशत सटीकता और पारदर्शिता अनिवार्य है। प्रशिक्षण के दौरान सीएमएमएस (CMMS) पोर्टल, एचएलबीसी (HLBC) मैप वेब एप्लिकेशन के संचालन, स्व-गणना की विधि, एचएलओ (HLO) मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल प्रविष्टि, प्रपत्रों का संधारण और तकनीकी पोर्टल्स के प्रभावी उपयोग पर सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक ज्ञान साझा किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान महत्वपूर्ण तिथियों की घोषणा करते हुए बताया गया कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य होगा, जिसमें 1 से 15 मई तक 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) का विकल्प रहेगा, तत्पश्चात 16 मई से 14 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर डेटा संग्रहण करेंगे। कार्यशाला में उपस्थित समस्त चार्ज अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। इस अवसर पर उपजिला जनगणना अधिकारी एवं उपनिदेशक सांख्यिकी शबनम खोरवाल सहित जिले के समस्त उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नगर परिषद आयुक्त, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी और जिला सांख्यिकी कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने इस राष्ट्रीय अभियान की सफलता का संकल्प दोहराया।

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