चित्तौड़गढ़ में न्याय और नशामुक्ति का शंखनाद: हाशिए पर खड़े लोगों को मिलेगा हक, छात्रों ने ली संकल्प की शपथ
चित्तौड़गढ़ के राउमावि सतपुड़ा में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में सचिव सुनील कुमार गोयल ने मुफ्त कानूनी सहायता और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं की जानकारी दी। समर्पण मारवाड़ सेवा संस्थान के सहयोग से नशा मुक्त भारत अभियान के पोस्टर का विमोचन हुआ और छात्रों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। न्याय और सामाजिक सुधार की दिशा में यह एक बड़ी पहल है।

चित्तौड़गढ़। मेवाड़ की पावन धरा चित्तौड़गढ़ में आज न्याय की किरण और सामाजिक सुधार की एक नई लहर देखने को मिली। जब कानून की शक्ति और सामाजिक सरोकार का संगम हुआ, तो उद्देश्य केवल एक था—एक जागरूक, शिक्षित और नशामुक्त समाज का निर्माण। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष मानसिंह चूंडावत के मार्गदर्शन में, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (राउमावि) सतपुड़ा में एक भव्य 'विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर' का आयोजन किया गया। समर्पण मारवाड़ सेवा संस्थान, जोधपुर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल छात्रों को उनके अधिकारों से परिचित कराया, बल्कि समाज को नशे की बुराइयों से मुक्त करने का एक सशक्त संदेश भी दिया।
कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार गोयल ने अध्यक्षता की और 'नशा मुक्त भारत जागरूकता अभियान' के आधिकारिक पोस्टर का विमोचन कर इस मुहिम को नई गति प्रदान की। सचिव गोयल ने अपने संबोधन में न्याय की पहुँच को आम जनमानस तक ले जाने पर बल दिया। उन्होंने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण योजना 2010 की बारीकियों को समझाते हुए बताया कि कानून किसी के लिए बोझ नहीं, बल्कि एक सुरक्षा कवच है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धारा 12 के तहत समाज के गरीब, वंचित और हाशिए पर रहने वाले वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करना प्राधिकरण का प्राथमिक कर्तव्य है। चाहे वह निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा हो, पीड़ित प्रतिकर योजना हो, या फिर मध्यस्थता और लोक अदालत के माध्यम से विवादों का त्वरित निस्तारण, न्याय अब हर द्वार पर दस्तक देने को तैयार है।
विधिक ज्ञान की इस धारा को आगे बढ़ाते हुए पैनल अधिवक्ता भारती गहलोत ने राज्यव्यापी अभियानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने 'न्याय आपके द्वार' जैसी पहलों के माध्यम से लोक उपयोगिता समस्याओं के समाधान, ड्रग अवेयरनेस एंड वेलनेस नेविगेशन, और नई चेतना 4.0 जैसे राष्ट्रीय अभियानों की महत्ता बताई। साथ ही, उन्होंने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने और पर्यावरणीय संरक्षण के लिए सामुदायिक पहल की आवश्यकता पर जोर दिया। इसी क्रम में समर्पण मारवाड़ सेवा संस्थान के अध्यक्ष कपिल अरोड़ा ने उपस्थित जनसमूह और विद्यार्थियों के भीतर राष्ट्रभक्ति और स्वास्थ्य के प्रति चेतना जगाते हुए उन्हें जीवनभर नशा मुक्त रहने की भावपूर्ण शपथ दिलाई।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर सामाजिक और शैक्षणिक जगत की कई गणमान्य विभूतियाँ साक्षी बनीं। कार्यक्रम में समर्पण मारवाड़ सेवा संस्थान की महिला मोर्चा अध्यक्षा विजय लक्ष्मी अरोड़ा, विद्यालय के प्रधानाचार्य विकास अग्रवाल, व्याख्याता लक्ष्मण लाल खटीक, और एस.डी.एम.सी. सदस्य मोहनलाल मेनारिया व रूपालाल मेनारिया ने अपनी उपस्थिति से आयोजन को सफल बनाया। इसके साथ ही विद्यालय स्टाफ और विधिक प्राधिकरण की ओर से संदीप सेठिया एवं आयुषी ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। यह आयोजन केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण भविष्य की ओर बढ़ाया गया एक ठोस कदम साबित हुआ, जिसने युवाओं के मन में कानून के प्रति विश्वास और नशे के प्रति विरोध की अलख जगा दी है।

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