चित्तौड़गढ़: भूपालसागर स्कूल में पक्षियों के लिए बांधे गए परिंडे
भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए विद्यालय स्टाफ और एनएसएस स्वयंसेवकों ने पक्षियों के दाना-पानी की जिम्मेदारी ली।

भूपालसागर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार को भीषण गर्मी के बीच पक्षियों के लिए परिंडे बांधते विद्यालय स्टाफ और राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के भूपालसागर क्षेत्र में बढ़ते भीषण तापघात और लू के प्रकोप के मध्य बेजुबान पक्षियों के संरक्षण हेतु राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, भूपालसागर में एक अनुकरणीय मानवीय पहल की गई है। गुरुवार को विद्यालय परिसर में स्थित नीम और बरगद के प्राचीन वृक्षों पर पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए विधिवत रूप से परिंडे बांधे गए। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मदन लाल मेघवाल ने इस अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ग्रीष्म ऋतु के उग्र होते ही पक्षियों के समक्ष दाना और पानी का गंभीर संकट उत्पन्न हो जाता है। इसी मानवीय दृष्टिकोण को केंद्र में रखते हुए विद्यालय परिसर के सुरक्षित स्थानों का चयन कर वहां परिंडे स्थापित किए गए हैं। डॉ. मेघवाल ने जोर देकर कहा कि यह पहल मात्र एक गतिविधि नहीं, अपितु विद्यार्थियों के मानस में जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण के संस्कारों को सिंचित करने का एक सशक्त माध्यम है।
इस अभियान की विशिष्टता इसकी निरंतरता में निहित है, जहाँ केवल परिंडे बांधने की औपचारिकता तक सीमित न रहकर उनकी नियमित देखरेख सुनिश्चित की गई है। विद्यालय के निष्ठावान स्टाफ सदस्यों और राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को इन परिंडों में प्रतिदिन नियत समय पर दाना और स्वच्छ पानी भरने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयोजन के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने कड़े निर्देश दिए कि इस सेवा कार्य और व्यवस्था के संचालन में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। इस पुनीत कार्य में किशन सिंह वर्मा, डॉ. साधना शर्मा, राकेश जैन, डॉ. मदन लाल मेघवाल, मनीष सालवी, शुभम चाष्टा, शशिकांत पटवा, अनीता मीना, बलदेव, जगदीश धाकड़ सहित राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों एवं स्वयंसेविकाओं ने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्र के प्रबुद्धजनों ने विद्यालय प्रशासन के इस संवेदनशील कदम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे पर्यावरण और जीव संरक्षण की दिशा में एक अनुकरणीय और प्रेरणादायक मिसाल बताया है।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
