भूपालसागर थाना क्षेत्र के रामाखेड़ा गांव में बीती रात शिकार की तलाश में निकले चार युवकों पर ग्रामीणों द्वारा लाठी-डंडों से जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। इस हमले में गंभीर रूप से घायल एक युवक ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, कपासन के मेवदा कॉलोनी निवासी संजेश कंजर (35) अपने मामा कैलाश, काका जगदीश और चचेरे भाई सत्तू के साथ मंगलवार शाम करीब 8 बजे एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर शिकार के लिए रामाखेड़ा के जंगलों में गए थे। रात करीब 1:30 बजे जब वे वापस लौट रहे थे, तभी रामाखेड़ा गांव में कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया।

जातिसूचक अपमान और बर्बर मारपीट

पीड़ित संजेश ने बताया कि ग्रामीणों ने उन्हें देखते ही लाठी-डंडों से हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए चिल्लाकर कहा, "ये कंजर हैं, इन्हें छोड़ेंगे नहीं, जान से मारेंगे।" इसके बाद चारों युवकों को बेरहमी से पीटा गया, जिससे उन्हें शरीर पर गंभीर चोटें आईं।

उपचार के दौरान मौत और पुलिस कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने घायलों को तत्काल भूपालसागर अस्पताल पहुंचाया, जहाँ से सत्तू कंजर की गंभीर हालत को देखते हुए उसे चित्तौड़गढ़ और फिर उदयपुर जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। जहां उदयपुर में उपचार के दौरान घायल सत्तू कंजर की मौत हो गई है। मृतक का शव उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय के शव गृह (मोर्चरी) में रखवाया गया है।

भूपालसागर थाना पुलिस ने संजेश की रिपोर्ट पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 115(2), 126(2), 190 और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। हत्या की पुष्टि होने के बाद मामले में धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं। केस की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच कपासन डीएसपी हरजीलाल यादव को सौंपी गई है। पुलिस हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

Pratahkal Bureau

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