वेतन वृद्धि की मांग को लेकर 5 दिनों से हड़ताल जारी; तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर 350 रुपये प्रतिदिन मानदेय की मांग रखी।

ग्राम पंचायत बस्सी मुख्यालय पर सफाई कर्मचारियों की पिछले 5 दिनों से जारी हड़ताल के कारण क्षेत्र की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। बाजारों और गलियों में गंदगी के ढेर जमा हो गए हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर तहसीलदार मुकेश गुर्जर और पंचायत प्रशासक को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने महंगाई के दौर में कम वेतन मिलने के कारण जीवन-यापन में कठिनाई होने का हवाला देते हुए वेतन बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से 350 रुपये प्रतिदिन वेतन देने की मांग रखी है।

इस दौरान मौजूद लोगों ने आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत प्रशासन वाल्मीकि समाज के स्थान पर किसी अन्य संस्था या ठेकेदार को सफाई कार्य का ठेका देने का प्रयास कर रही है। वाल्मीकि समाज ने इस प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करते हुए चेतावनी दी है कि यदि बाहरी लोगों से सफाई कार्य करवाया गया तो समाज आंदोलन करने को मजबूर होगा।

वहीं ग्राम विकास अधिकारी प्रहलाद धाकड़ ने स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया कि पहले कर्मचारियों को 200 रुपये का भुगतान किया जा रहा था, जिसमें वे 2 से 3 घंटे ही कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग द्वारा जारी न्यूनतम दर 297 रुपये निर्धारित है, जिसके अनुसार 8 घंटे का कार्य होता है, लेकिन सफाई कर्मचारी 8 घंटे काम करने को सहमत नहीं हैं। पंचायत ने प्रस्ताव दिया है कि कार्य के माप के आधार पर भुगतान बीएसआर दरों के अनुसार किया जाएगा, जिस पर पंचायत सहमत है।

हड़ताल और विवाद के बीच बस्सी में सफाई व्यवस्था पर गहराया संकट प्रशासन और कर्मचारियों के बीच सहमति न बनने से स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है, जिसका सीधा असर आम नागरिकों के जीवन पर पड़ रहा है।

Pratahkal Bureau

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