चित्तौड़गढ़: एटीबीएफ फाउंडेशन ने शुरू किया 'खुशियों का शोरूम', मिलेंगे मुफ्त कपड़े
नई पुलिया पर शुरू हुई पहल के तहत बेसहारा और असहाय लोगों को नए कपड़े, जूते व चप्पल जैसी जरूरत की सामग्री नि:शुल्क मिलेगी।

तस्वीर में एटीबीएफ संस्था के सदस्य चित्तौड़गढ़ में नए सेंटर के बाहर खड़े दिखाई दे रहे हैं।
चित्तौड़गढ़ में जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आचार्य तुलसी बहुउद्देशीय एटीबीएफ फाउंडेशन ने रविवार को एक और नवाचार करते हुए नई पुलिया पर ‘खुशियों के शोरूम’ का लोकार्पण किया। कार्यक्रम कमल जैन एवं आदिति जैन के मुख्य आतिथ्य और संस्थापक सुनील ढीलीवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। नविन वरडिया एवं बृजेश मोदानी विशिष्ट अतिथि रहे।
इस अवसर पर कमल जैन ने कहा कि ‘खुशियों के शोरूम’ में उन व्यक्तियों के लिए नए कपड़े, जूते, चप्पल व अन्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जो भिक्षुक प्रवृत्ति के नहीं हैं या मजदूरी करने लायक भी नहीं हैं। ऐसे जरूरतमंद लोगों की हर संभव मदद करने का प्रयास किया जाएगा।
संस्थापक सुनील ढीलीवाल ने बताया कि वर्ष 2021 से संस्था द्वारा कलेक्ट्रेट चौराहे पर ‘नेकी की दीवार’ का संचालन किया जा रहा है। यहां मजदूर, ग्रामीण क्षेत्र के लोगों एवं भिक्षुक प्रवृत्ति के लोगों के लिए सारी सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है। इसका लाभ वांछित व्यक्ति भी उठा रहे हैं।
तारा पारीक के अनुसार ‘खुशियों के शोरूम’ का संचालन एटीबीएफ की महिला टीम द्वारा किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से ऐसे जरूरतमंद लोगों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, जो स्वयं इसे जुटाने में सक्षम नहीं हैं।
कार्यक्रम में महिला टीम से तारा सहलोत, नेहा सुराणा, सपना जैन, अरुण पोखरण, ज्योति चोपड़ा, दीपिका छीपा, श्वेता ढीलीवाल, राखी गुप्ता, मीनाक्षी लड्ढा, आशा वेद, निशिका ढीलीवाल एवं उषा कुमावत सहित देव शर्मा, ललित टहल्याणी, कुंदन गुर्जर, संजय जैन, नासिर हुसैन आदि उपस्थित थे। ‘नेकी की दीवार’ के बाद ‘खुशियों के शोरूम’ की शुरुआत जरूरतमंदों तक सहायता सामग्री पहुंचाने की संस्था की पहल को आगे बढ़ाती है।

Piyush Mundara, Chittorgarh
नाम: पियूष मूंदड़ा
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
अनुभव: साल 2013 से
विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग
बीट और कवरेज
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शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
