चित्तौड़गढ़ आर्य वीर दल शिविर संपन्न, अब कुरुक्षेत्र में राष्ट्रीय प्रशिक्षण
चित्तौड़गढ़ के श्री गुरुकुल में 22 जिलों के 300 युवाओं का आत्मरक्षा शिविर संपन्न होने के बाद अब जून में कुरुक्षेत्र में राष्ट्रीय शिविर आयोजित किया जाएगा।

चित्तौड़गढ़ के श्री गुरुकुल में आयोजित प्रांतीय आत्मरक्षा एवं चरित्र निर्माण शिविर के समापन समारोह पर व्यायाम का प्रदर्शन करते आर्य वीर दल के युवा प्रशिक्षणार्थी।
युवा पीढ़ी को संस्कारों से सिंचित करने और उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से श्री गुरुकुल में आयोजित आर्य वीर दल का विशाल प्रांतीय आत्मरक्षा एवं चरित्र निर्माण शिविर भव्य व्यायाम प्रदर्शन के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। आज के संक्रमण काल में जब युवा पीढ़ी के सामने नशा, झूठ, छल-कपट, अनुशासनहीनता और शारीरिक कमजोरी जैसी गंभीर चुनौतियाँ लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे समय में आर्य वीर दल बच्चों और युवाओं को शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और संस्कारात्मक रूप से मजबूत बनाने का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। इन शिविरों के माध्यम से नई उम्र के बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, राष्ट्रप्रेम, वैदिक संस्कृति के प्रति अटूट सम्मान और निःस्वार्थ समाजसेवा की भावना को गहराई से विकसित किया जा रहा है। चित्तौड़गढ़ के इस प्रांतीय शिविर में प्रदेश के 22 जिलों के लगभग 300 आर्य वीरों ने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लेकर अपनी क्षमताओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
इस भव्य समापन समारोह के गरिमामयी अवसर पर सार्वदेशिक आर्य वीर दल के प्रधान संचालक आचार्य नंदकिशोर, एमडीएच (MDH) समूह के सम्मानित प्रतिनिधि व सर्वे भवंतु सुखिनः ट्रस्ट के अध्यक्ष महात्मा जितेंद्र भाटिया, जीववर्धन शास्त्री, जय सिंह गहलोत, आचार्य सोमदेव, विजय शर्मा, आचार्य चन्द्रदेव, हीरानंद शास्त्री तथा आर्य वीरांगना दल की प्रदेश संयोजिका सरोज मालू एवं सरस्वती शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मंच पर उपस्थित रहे। इस प्रांतीय आर्य वीर प्रशिक्षण शिविर को बड़े हर्ष, उल्लास और अभूतपूर्व सफलता के साथ संपन्न कराने में प्रांतीय संचालक भवदेव शास्त्री, विशाल माहेश्वरी, गगेन्द्र आर्य, रामकृष्ण शास्त्री और अभिषेक बंसल ने दिन-रात एक कर अथक प्रयास किए। कार्यक्रम का अत्यंत सुंदर, सुचारू और व्यवस्थित संचालन करने के लिए शिविर संयोजक विशाल माहेश्वरी, सरस्वती शर्मा और अजय बनवार नेपाली का मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों द्वारा विशेष रूप से अभिनंदन व स्वागत किया गया।
इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान दो दर्जन से अधिक अनुभवी व्यायाम शिक्षकों ने दिन-रात जुटकर युवाओं को उत्कृष्ट संस्कार व कड़ा शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान किया। कड़े अभ्यास और कड़े बौद्धिक सत्रों के उपरांत अनेक आर्य वीरों ने शाखानायक की प्रतिष्ठित योग्यता अर्जित की, वहीं कई बच्चों ने आर्यवीर श्रेणी की योग्यता प्राप्त कर विशेष प्रमाण-पत्र और आकर्षक पुरस्कारों पर अपना अधिकार जमाया। आर्य वीर दल पूरे देश में प्रतिवर्ष ऐसे अनेक राष्ट्रव्यापी शिविरों का आयोजन पूरी निष्ठा के साथ करता है, जिनमें बच्चों और युवाओं को भारतीय वैदिक संस्कृति, शारीरिक व्यायाम, अनुशासन, आत्मरक्षा, बौद्धिक विकास और राष्ट्रसेवा का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है।
चित्तौड़गढ़ के इस सफल आयोजन की कड़ियों को आगे जोड़ते हुए अब आगामी राष्ट्रीय आर्य वीर प्रशिक्षण शिविर 1 से 15 जून तक कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के पावन गुरुकुल परिसर में आयोजित होने जा रहा है। इस विशाल राष्ट्रीय शिविर में देश व प्रदेशभर से लगभग 500 सजग आर्य वीरों के भाग लेने की प्रबल संभावना है, जिन्हें प्रशिक्षण के अगले चरण के तहत व्यायाम शिक्षक एवं शाखानायक श्रेणी का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी श्रृंखला में आर्य वीरांगनाओं का विशेष प्रशिक्षण शिविर भी 6 से 15 जून तक कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी परिसर में ही आयोजित होगा, जिसमें अभिभावक अपनी कन्याओं को इस संस्कारमय, सुरक्षित और स्वावलंबी प्रशिक्षण शिविर में सहर्ष भेज सकते हैं। चित्तौड़गढ़ के प्रांतीय शिविर की शानदार सफलता के बाद अब इस आगामी राष्ट्रीय शिविर में विभिन्न राज्यों से बहुत बड़ी संख्या में देशप्रेमी युवाओं का महाजुटान होने जा रहा है, जो राष्ट्र निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।

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