चित्तौड़गढ़ जिले के बस्सी थाना क्षेत्र में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब दो करोड़ रुपए कीमत का 12 क्विंटल 71 किलो 730 ग्राम डोडा चूरा बरामद किया है। यह खेप तीन लग्जरी गाड़ियों में भरकर एक भैंसों के तबेले में छिपाकर रखी गई थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो अवैध बंदूकें, 47 जिंदा कारतूस और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही तीनों गाड़ियां भी जब्त कर लीं। हालांकि कार्रवाई से पहले तस्कर मौके से फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि पूरे गिरोह की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि तस्कर पुलिस से बचने के लिए तबेले को अस्थायी सेफ हाउस के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे।

पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि ANTF को कई महीनों से सूचना मिल रही थी कि मध्यप्रदेश से डोडाचूरा की बड़ी खेप चित्तौड़गढ़ और आसपास के इलाकों में पहुंचाई जा रही है। इसके बाद टीम ने राजस्थान में प्रवेश करने वाले प्रमुख रास्तों और घाटों पर लगातार निगरानी शुरू की। देसूरी की नाल, उदयपुर, प्रतापगढ़, भीम, देवगढ़ और राजसमंद की ओर आने वाले मार्गों पर कई बार नाकाबंदी भी की गई, लेकिन तस्कर हर बार पुलिस की नजर से बच निकले।



बाद में मुखबिर से मिली जानकारी में सामने आया कि तस्कर पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखते हैं और हलचल बढ़ते ही माल को किसी सुरक्षित स्थान पर छिपा देते हैं। एक-दो दिन बाद मौका देखकर खेप को आगे भेजा जाता है। उनके आगे एस्कॉर्ट गाड़ियां चलती हैं, जो रास्ते में पुलिस की मौजूदगी की सूचना देती रहती हैं। इसी इनपुट के आधार पर ANTF ने अपनी रणनीति बदली और तस्करों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी शुरू कर दी।

तस्करों पर दबाव बनाए रखने के लिए पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर नाकाबंदी जारी रखी। टीम को उम्मीद थी कि तस्कर माल को किसी सुरक्षित स्थान पर छिपाएंगे और बाद में उसे आगे ले जाएंगे। इसी दौरान तस्करों ने बस्सी क्षेत्र में स्थित एक भैंसों के तबेले को अपना ठिकाना बना लिया। ऊंची चारदीवारी और बंद लोहे के फाटक के कारण बाहर से यह सामान्य तबेला दिखाई देता था। ANTF की दूसरी टीम लगातार इस स्थान पर नजर रखे हुए थी। सही समय पर स्थानीय पुलिस को साथ लेकर संयुक्त कार्रवाई की गई।

तलाशी के दौरान तबेले में दो स्कॉर्पियो-एन और एक टाटा सफारी खड़ी मिली। तीनों गाड़ियों की तलाशी लेने पर उनमें रखे 72 कट्टों से 12 क्विंटल 71 किलो 730 ग्राम डोडा चूरा बरामद हुआ। इसके साथ ही एक 12 बोर की दो नाली बंदूक, एक पंप एक्शन गन और 47 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए। पुलिस ने बरामद सभी सामान और तीनों गाड़ियों को जब्त कर मामला दर्ज कर लिया।

जांच में यह भी सामने आया कि तस्करी में इस्तेमाल की जा रही गाड़ियों की पहचान छिपाने का प्रयास किया गया था। टाटा सफारी पर दूसरी गाड़ी की नंबर प्लेट लगी हुई थी, जबकि शुरुआती जांच में उसके दिल्ली से चोरी होने की जानकारी मिली है। एक स्कॉर्पियो पर गुजरात की नंबर प्लेट लगी थी, लेकिन उसके भी नोएडा से चोरी होने की आशंका है। दूसरी स्कॉर्पियो-एन के चेसिस और इंजन नंबर तक घिस दिए गए थे। पुलिस अब इन सभी गाड़ियों का पूरा रिकॉर्ड जुटा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि तबेले का इस्तेमाल किसकी जानकारी में किया जा रहा था और इसमें स्थानीय स्तर पर किसकी भूमिका रही।

कार्रवाई के दौरान बरामद दो अवैध बंदूकें और 47 जिंदा कारतूस को भी पुलिस गंभीरता से जांच का हिस्सा बना रही है। पुलिस का मानना है कि तस्कर जरूरत पड़ने पर हथियारों का इस्तेमाल कर सकते थे। हालांकि इस कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की मुठभेड़ नहीं हुई और आरोपी पहले ही मौके से फरार हो गए।

पुलिस का कहना है कि जांच केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रहेगी। यह पता लगाया जाएगा कि डोडा चूरा कहां से आया, इसे कहां भेजा जाना था और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। फरार तस्करों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं और मध्यप्रदेश से लेकर राजस्थान तक जुड़े सभी लिंक की जांच की जा रही है।

Updated On
Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story