बड़ी सादड़ी। शरीर की बीमारियों का उपचार चिकित्सक कर सकते हैं, लेकिन मन की विकृतियों को दूर करने के लिए संतों और महापुरुषों का मार्गदर्शन आवश्यक है। यह बात अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के चित्तौड़गढ़ पीठाधीश्वर आचार्य रामदयाल महाराज ने चित्तौड़गढ़ रामद्वारा में श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए कही। उन्होंने सकारात्मक सोच अपनाने, नकारात्मक विचारधारा से दूर रहने और समाज में आध्यात्मिक चेतना विकसित करने का संदेश दिया।

आचार्य रामदयाल महाराज ने कहा कि घर की दीवारों की सफाई तो हर कोई कर सकता है, लेकिन दिलों की सफाई करने के लिए संतों को संसार में आना पड़ता है। शरीर की बीमारियों को चिकित्सक ठीक कर देते हैं, जबकि मानसिक विकृतियों को दूर करने के लिए परमात्मा ने सृष्टि में महापुरुषों और संतों को धरती पर भेजा है। उन्होंने कहा कि आज पारिवारिक, सामाजिक और आध्यात्मिक मानसिकता पर गहन चिंतन करने की आवश्यकता है। सकारात्मक सोच अपनाना जरूरी है, क्योंकि नकारात्मक विचारधारा अंतहीन दुख को जन्म देती है।

उन्होंने राष्ट्र के लोगों में ज्ञान का दीपक जलने और अज्ञानता दूर होने की मंगलकामना की। आचार्य ने कहा कि अन्याय और अत्याचार का अंधकार दूर होना चाहिए। उन्होंने अपेक्षा जताई कि धर्म के माध्यम से समाज और राष्ट्र अलौकिक बने। साथ ही, सभी के जीवन में भक्ति का भाव विकसित होने और भय से मुक्ति मिलने की मंगलकामना की।

आचार्य रामदयाल महाराज ने कहा कि यदि अंधकार है तो दीप जलाना होगा और संस्कृति की रक्षा के लिए विकृति को समाप्त करना होगा। पर्यावरण की साधना करते हुए प्रत्येक प्राणी के प्रति श्रद्धा जगाने की आवश्यकता है। संस्कृति की दिव्य हवा के लिए मन की खिड़कियों को खोलना होगा। उन्होंने कहा कि एक ही चाबी से ताला लगता भी है और खुलता भी है। इस प्रक्रिया को समझना होगा।

प्रवचन के दौरान आचार्य ने गाय और प्राणी मात्र की रक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत अहिंसा परमोधर्म के पथ पर चलने वाला देश है, इसलिए जीवों की रक्षा आवश्यक है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने आचार्य से दीपावली चित्तौड़गढ़ में मनाने का आग्रह किया। आचार्य के दर्शन और प्रवचन सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामद्वारा पहुंचे।

रामद्वारा के कार्यों और प्रकल्पों का किया अवलोकन

प्रवचन के बाद मध्यप्रदेश की यात्रा पर जाने से पहले आचार्य रामदयाल महाराज ने स्थानीय रामद्वारा में करवाए जा रहे कार्यों और विभिन्न प्रकल्पों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पक्षी दाना भंडार तथा संतों के लिए करवाए जा रहे निर्माण कार्यों के बारे में संत दिग्विजय राम महाराज से जानकारी ली। उनके इस दौरे में रामद्वारा की गतिविधियों और निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी शामिल रहा।

Pradeep Vaishnav, Chittorgarh

Pradeep Vaishnav, Chittorgarh

नाम: प्रदीप वैष्णव

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: बड़ी सादड़ी तहसील

अनुभव: 26 साल (सन 2000 से 'प्रातःकाल' के साथ कार्यरत)

परिचय 

प्रदीप वैष्णव बड़ी सादड़ी तहसील क्षेत्र के एक अनुभवी पत्रकार हैं। वह स्थानीय समाचारों, सामाजिक गतिविधियों, शिक्षा और क्राइम रिपोर्टिंग के क्षेत्रों में मुख्य रूप से सक्रिय हैं। वह सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रखते हैं। तथ्यात्मक और सरल रिपोर्टिंग को प्राथमिकता देना तथा जनहित से संबंधित विषयों को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा है।

बीट और विशेषज्ञता 

  • स्थानीय समाचार: बड़ी सादड़ी तहसील और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े स्थानीय व सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग।
  • क्राइम: क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई और अपराध से जुड़े मामलों की कवरेज।
  • शिक्षा: शैक्षणिक गतिविधियां, विद्यार्थियों से जुड़े विषय और शिक्षा संबंधी समाचार।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

B.A. जर्नलिज्म (पत्रकारिता में स्नातक)

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