चित्तौड़गढ़: बाल विवाह मुक्त भारत का शंखनाद, गणतंत्र दिवस पर गूंजेगी कुप्रथा के विरुद्ध शपथ
चित्तौड़गढ़ में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। जिला कलक्टर आलोक रंजन के निर्देशन में जनवरी के शनिवारों को विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम होंगे और गणतंत्र दिवस पर हज़ारों विद्यार्थी व ग्रामीण इस कुप्रथा को मिटाने की शपथ लेंगे। बाल अधिकारिता और शिक्षा विभाग की इस साझा रणनीति का उद्देश्य जिले से बाल विवाह का पूर्ण उन्मूलन करना है।

चित्तौड़गढ़। मेवाड़ की ऐतिहासिक धरा चित्तौड़गढ़ से सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध एक निर्णायक जंग का आगाज हुआ है। बाल विवाह जैसी जड़ जमा चुकी कुप्रथा को जड़ से उखाड़ने के लिए जिले में 'बाल विवाह मुक्त भारत' विशेष अभियान के तहत रणनीतिक तैयारी पूरी कर ली गई है। इसी क्रम में बाल अधिकारिता विभाग और शिक्षा विभाग ने साझा मोर्चा संभालते हुए जिले के शैक्षणिक ढांचे को इस मुहिम का मुख्य केंद्र बनाया है, ताकि आने वाली पीढ़ी को इस सामाजिक अभिशाप से सुरक्षित किया जा सके।
जिला कलक्टर आलोक रंजन के विशेष दिशा-निर्देशों के अनुरूप ग्रामीण विकास सभागार में एक उच्च स्तरीय समीक्षा एवं समन्वय बैठक संपन्न हुई। बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक ओम प्रकाश तोषनीवाल ने बैठक के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जिले को बाल विवाह की बेड़ियों से मुक्त करने के लिए आगामी 100 दिनों का विशेष रोडमैप तैयार किया गया है। अभियान की गंभीरता को देखते हुए मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद दशोरा की अध्यक्षता में सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रशासनिक रणनीति के तहत अब जिले के समस्त राजकीय और निजी विद्यालयों में जागरूकता की मशाल जलाई जाएगी। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद दशोरा ने स्पष्ट किया कि जनवरी माह के प्रथम और चतुर्थ शनिवार को विशेष तौर पर 'बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम' पर केंद्रित विचार-गोष्ठियों का आयोजन होगा। इन सत्रों का उद्देश्य न केवल बच्चों को कानून के प्रति जागरूक करना है, बल्कि उन्हें एक सजग नागरिक के रूप में तैयार करना भी है जो अपने आसपास होने वाले अन्याय के विरुद्ध आवाज उठा सकें।
अभियान का सबसे प्रभावी और भावनात्मक पहलू गणतंत्र दिवस के अवसर पर देखने को मिलेगा। जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया है कि 26 जनवरी को आयोजित होने वाले समस्त राजकीय कार्यक्रमों में उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम ग्रामवासियों को सामूहिक रूप से 'बाल विवाह मुक्त भारत' की शपथ दिलाई जाएगी। यह पहल सामाजिक चेतना को झकझोरने और इस कुप्रथा के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति को धरातल पर उतारने का एक सशक्त प्रयास है। अधिकारियों का मानना है कि जब ग्रामीण परिवेश का जन-जन इस संकल्प से जुड़ेगा, तभी चित्तौड़गढ़ बाल विवाह मुक्त जिला बनने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
