चित्तौड़गढ़। जिले में बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बाल विवाह मुक्त राजस्थान अभियान के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला कलक्टर के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में बाल अधिकारिता विभाग की सक्रिय भागीदारी रही। महात्मा गांधी राउमावि, प्रेमनगर में आयोजित इस आयोजन में छात्र-छात्राओं को बाल विवाह रोकने की शपथ दिलाई गई और इसके गंभीर दुष्परिणामों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक ओमप्रकाश तोषनीवाल की देखरेख में चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने छात्रों और विद्यालय स्टाफ को बताया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने सभी को यह भी बताया कि यदि किसी भी स्थान पर बाल विवाह की सूचना मिले, तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और 0 से 18 वर्ष तक के किसी भी बच्चे को सहायता की आवश्यकता होने पर निःशुल्क हेल्पलाइन सेवा उपलब्ध है।

कार्यक्रम में करण जीनवाल, सीमा राजोरा, सविता आमेरिया, लीला चेचानी, विनीता काबरा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे और उन्होंने बच्चों को बाल विवाह के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाई। इस पहल का उद्देश्य न केवल कानूनी जागरूकता बढ़ाना है, बल्कि समुदाय और शिक्षा संस्थानों में बाल विवाह के खिलाफ सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना भी है।

इस प्रकार, बाल विवाह मुक्त राजस्थान अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने जिले के युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी और कानूनी सचेतना की भावना को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

Pratahkal Bureau

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