जनगणना-2027: निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने चित्तौड़गढ़ में कार्यों की समीक्षा की
निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने डिजिटल जनगणना की शुद्धता पर जोर दिया और उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रगणक सुरेन्द्र सिंह सामोता को सम्मानित किया।

चित्तौड़गढ़ में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान प्रगणक सुरेन्द्र सिंह सामोता को प्रशस्ति पत्र प्रदान करते निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक और जिला कलक्टर डॉ. मंजू।
16वीं राष्ट्रीय जनगणना-2027 के कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा गुरुवार को निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय श्री बिष्णु चरण मल्लिक द्वारा की गई। समीक्षा के दौरान जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ जनगणना कार्यों की वर्तमान स्थिति पर गहन चर्चा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर डॉ मंजू ने जिले की प्रगति से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
निदेशक जनगणना श्री बिष्णु चरण मल्लिक ने कहा कि जनगणना किसी भी राष्ट्र में योजना निर्माण की आधारशिला होती है और इसकी गुणवत्ता सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचने वाले आंकड़ों की शुद्धता से जुड़ी होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार जनगणना पूर्णतः आधुनिक एवं डिजिटल स्वरूप में संपादित की जाएगी, जिससे डाटा की शुद्धता, पारदर्शिता और त्वरित विश्लेषण सुनिश्चित होगा। उन्होंने अधिकारियों एवं कार्मिकों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण सजगता और जिम्मेदारी के साथ करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी, जिसमें प्रथम चरण में परिसम्पत्तियों का विवरण तथा द्वितीय चरण में नागरिकों से संबंधित डाटा एकत्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पर्याप्त समय उपलब्ध कराया गया है, अतः सभी अधिकारी टीम भावना के साथ समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करें। ग्रामीण क्षेत्रों में परिसम्पत्तियों की गणना तथा शहरी क्षेत्रों में कच्ची बस्तियों से संबंधित डाटा संग्रहण को लेकर विस्तृत निर्देश दिए गए।
निदेशक ने यह भी निर्देशित किया कि जनगणना के दौरान कोई भी क्षेत्र छूटना नहीं चाहिए तथा किसी प्रकार की दोहरी प्रविष्टि भी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने फील्ड कार्मिकों से अपील की कि वे पूर्ण जिम्मेदारी और समर्पण भाव से कार्य करें। भीषण गर्मी को देखते हुए उन्होंने कर्मचारियों को पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचाव रखने तथा स्वास्थ्य संबंधी सावधानियाँ बरतने की सलाह भी दी। साथ ही अधिकतम नागरिकों को स्वगणना (Self Enumeration) के लिए प्रेरित करने पर बल दिया गया।
उन्होंने निर्देश दिया कि निदेशालय द्वारा उपलब्ध कराए गए जनगणना किट क्षेत्र में तैनात सभी कार्मिकों एवं अधिकारियों को समय पर उपलब्ध कराए जाएं। प्रशिक्षण के दौरान मोबाइल में इंस्टॉल की गई ट्रेनिंग एप को हटाकर नवीन एप इंस्टॉल कराने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही सेम्पल रजिस्ट्रेशन सर्वे (एसआरएस) ब्लॉक को पृथक रूप से चिन्हित रखने के निर्देश दिए गए। चार्ज अधिकारियों को आवश्यक संसाधनों की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने तथा आवंटित बजट का समुचित उपयोग करने के भी निर्देश प्रदान किए गए।
जिला स्तर पर प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर डॉ मंजू ने जिले में स्वगणना से संबंधित प्रशासनिक तैयारियों तथा अब तक की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में मकान सूचीकरण ब्लॉकों का गठन लगभग 800 की अनुमानित जनसंख्या के आधार पर किया गया है।
इस अवसर पर तहसील गंगरार के ब्लॉक संख्या-0202 में प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य के अंतर्गत परिवारों की स्व-गणना समय सीमा से पूर्व शत-प्रतिशत पूर्ण करने पर संबंधित कार्मिक सुरेन्द्र सिंह सामोता, प्रगणक एवं वरिष्ठ सहायक, रा.उ.मा.विद्यालय, आजोलिया का खेड़ा, गंगरार को निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय जयपुर श्री बिष्णु चरण मल्लिक तथा प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी डॉ मंजू द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस बैठक में जिला जनगणना अधिकारी प्रभा गौतम, उप जिला जनगणना अधिकारी एवं आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के उप निदेशक शबनम खोरवाल, नगर परिषद आयुक्त कृष्ण गोपाल माली, जनगणना की जिला समन्वयक अपेक्षा जैन, चित्तौड़गढ़ तहसीलदार विपीन चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जनगणना-2027 की यह समीक्षा बैठक डिजिटल प्रणाली, शुद्ध डाटा संग्रहण और शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम मानी जा रही है।

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