चित्तौड़गढ़ में लालानाथ के ब्लाईंड मर्डर मामले में खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार
चित्तौड़गढ़ में 20 नवंबर को बेड़च नदी पुलिया के नीचे लालानाथ की गला घोटकर हत्या का जोधपुर से आरोपी महेंद्र को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी और मृतक के समलैंगिता संबंधों व विवाद के आधार पर हत्या का खुलासा किया। मामला पुलिस की कड़ी मेहनत और शहर में कानून व्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है।

चित्तौड़गढ़। बेडच नदी के किनारे झाड़ियों में मिली लालानाथ की लाश ने पूरे शहर में सनसनी मचा दी थी। इस संदिग्ध हत्याकांड में पुलिस ने अब खुलासा कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। सदर थाना पुलिस ने कोतवाली चित्तौड़गढ़ और साइबर सेल की मदद से इस ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश किया है।
जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि 20 नवम्बर को राहुल उर्फ किशन ने अपने अंकल लालानाथ (35 वर्ष) की गुमशुदगी की रिपोर्ट दी। लालानाथ भाटखेडा के निवासी थे। रिपोर्ट में बताया गया कि 19 नवम्बर को वे अपनी माताजी हरक बाई को चंदेरिया रेलवे स्टेशन भेजने निकले थे, लेकिन बाद में उनका फोन बंद आया। शाम तक घर न लौटने पर गंगरार थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
अगले दिन, राहुल और उनके साथी चित्तौड़गढ़ आए और बेडच पुलिया के पास विक्की पर खड़े पाए गए। तलाश के दौरान उन्हें लालानाथ की लाश बेडच नदी के किनारे झाड़ियों में मिली। शव की आंखों पर चोट के निशान थे और गला दबाकर हत्या की गई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज किया।
थानाधिकारी निरंजन प्रताप सिंह के निर्देशन में सदर थाना, कोतवाली और साइबर सेल की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने शहर में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर आरोपी का हुलिया और वीडियो प्राप्त किया। जांच में पता चला कि आरोपी महेन्द्र व्यास (धोबी घाट, अहमदाबाद) पहले भी हत्या के मामले में जेल से जमानत लेकर फरार था।
अभियान के दौरान आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सराय और धर्मशालाओं में उसका पता लगाने की कोशिश की गई। अंततः जोधपुर बस स्टैंड से एक व्यक्ति ने आरोपी को पहचान कर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर अनुसंधान अधिकारी के हवाले किया गया।
महेंद्र व्यास ने लालानाथ की हत्या करना कबूल कर लिया है। पुलिस अब हत्या से संबंधित साक्ष्यों को इकट्ठा कर अनुसंधान कर रही है। डीएसपी बृजेश सिंह और एएसपी सरिता सिंह के सुपरविजन में यह कार्रवाई संपन्न हुई।
इस केस में पुलिस की टीमों का भी अहम योगदान रहा, जिसमें सदर थाना चित्तौड़गढ़, कोतवाली चित्तौड़गढ़ और साइबर सेल चित्तौड़गढ़ के अधिकारी शामिल थे। जोधपुर बस स्टैंड पावटा चौकी की टीम ने भी आरोपी की गिरफ्तारी में सहयोग किया।
इस गिरफ्तारी ने लालानाथ हत्याकांड में बड़ी सफलता हासिल की है और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के सभी संभावित कदम उठाए जाएंगे।

Piyush Mundara, Chittorgarh
नाम: पियूष मूंदड़ा
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
अनुभव: साल 2013 से
विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग
बीट और कवरेज
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शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
