फतेहनगर। मेवाड़ क्षेत्र की प्रमुख कृषि उपज मंडी समिति, फतेहनगर से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। दान-पुण्य और आस्था के महापर्व "मकर संक्रांति" के पावन अवसर पर मंडी प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए नीलामी कार्यों को पूरी तरह से स्थगित करने का ऐलान किया है। इस आदेश के बाद 14 जनवरी, बुधवार को मंडी प्रांगण में पसरा सन्नाटा किसानों और व्यापारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि इस दिन करोड़ों के कारोबार पर विराम लगा रहेगा।

मंडी सचिव द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, समस्त किसान भाइयों को सूचित किया गया है कि बुधवार को मकर संक्रांति के पर्व के उपलक्ष्य में कृषि उपज मंडी समिति, फतेहनगर में नीलामी का कार्य पूर्णतया बंद रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए हैं कि अवकाश की इस अवधि के दौरान मंडी प्रांगण के भीतर किसी भी प्रकार की कृषि जिन्स को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह कदम पर्व की महत्ता और श्रमिकों व व्यापारियों की छुट्टी को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

इस महत्वपूर्ण घोषणा के साथ ही काकंरवा सहित आसपास के तमाम क्षेत्रों से आने वाले अन्नदाताओं से विशेष अपील की गई है कि वे अपनी फसल और कृषि उत्पाद लेकर मंडी न पहुंचें। अक्सर जानकारी के अभाव में दूर-दराज के गांवों से किसान अपनी उपज लेकर पहुंच जाते हैं, जिन्हें नीलामी बंद होने के कारण भारी असुविधा और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। इसी संवेदनशीलता को देखते हुए मंडी समिति ने पहले ही मुनादी करवाकर यह साफ कर दिया है कि 14 जनवरी को विक्रय हेतु माल लाना व्यर्थ होगा।

कानूनी और प्रशासनिक दृष्टि से यह आदेश अनिवार्य है, जिसका उल्लंघन करने पर किसानों को अपने माल की सुरक्षा और परिवहन में कठिनाई हो सकती है। मंडी प्रशासन ने अपनी इस सूचना में स्पष्ट किया है कि त्योहार के इस अवकाश का पालन कड़ाई से किया जाएगा। समापन के तौर पर यह कहना उचित होगा कि जहाँ एक ओर मकर संक्रांति का उल्लास पूरे फतेहनगर में छाया हुआ है, वहीं मंडी समिति का यह अनुशासित निर्णय क्षेत्र की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में मील का पत्थर साबित होगा।

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