राजस्थान सरकार के आदेशानुसार शैक्षणिक सत्र 2026-2027 का आगाज हो चुका है, जिसके साथ ही सरकारी विद्यालयों में नामांकन वृद्धि के प्रयास तेज हो गए हैं। इस बीच भूपालसागर ब्लॉक के बूल पीईईओ क्षेत्र से एक अनुकरणीय उदाहरण सामने आया है, जिसने समाज में व्याप्त भ्रांतियों पर कड़ा प्रहार किया है। रा.प्रा.वि. फलासिया में कार्यरत सरकारी शिक्षक विष्णुदान चारण ने जनमानस के बीच इस मिथक को तोड़ दिया है कि सरकारी कर्मचारी केवल दूसरों के बच्चों को सरकारी स्कूल भेजने की सलाह देते हैं। शिक्षक चारण ने स्वयं पहल करते हुए अपने दोनों बच्चों का प्रवेश राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय हड़मतिया में करवाया है।

इस साहसिक और प्रेरणादायी निर्णय का स्वागत करते हुए विद्यालय परिवार ने दोनों बच्चों का तिलक लगाकर और माला पहनाकर आत्मीय अभिनंदन किया। इस अवसर पर बच्चों के पिता विष्णुदान चारण का भी विशेष सम्मान किया गया। उल्लेखनीय है कि अक्सर ग्रामीणों द्वारा यह सवाल उठाया जाता रहा है कि सरकारी शिक्षक अपने बच्चों को निजी संस्थानों में पढ़ाते हैं, किंतु इस कदम ने अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए एक नैतिक मार्ग प्रशस्त किया है।

प्रधानाध्यापक पीके सर ने इस घटनाक्रम को एक महत्वपूर्ण बदलाव बताते हुए उपस्थित समस्त शिक्षकों का आह्वान किया कि परिवर्तन की शुरुआत स्वयं से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों का सरकारी स्कूलों में दाखिला करवाना न केवल सराहनीय कार्य है, बल्कि इससे समाज में फैली गलतफहमियां भी दूर होंगी। यह पहल सरकारी शिक्षा प्रणाली के प्रति विश्वास सुदृढ़ करने और नामांकन अभियान को सफल बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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