सड़क निर्माण में अनियमितता, बुल के ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
ग्राम बुल में रोलिया-भादसोड़ा मार्ग निर्माण में पक्षपात और अतिक्रमण बचाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने एसडीएम से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

भूपालसागर उपखंड कार्यालय में ग्राम बुल के ग्रामीणों ने रोलिया-भादसोड़ा मार्ग निर्माण में कथित अनियमितताओं के विरोध में एसडीएम महेश गागोरिया को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की।
भूपालसागर तहसील के ग्राम बुल में रोलिया-भादसोड़ा मुख्य मार्ग निर्माण को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और पक्षपात के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन उपखण्ड अधिकारी महेश गागोरिया को सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी और ठेकेदार राजनीतिक दबाव में आकर स्वीकृत नक्शे के विपरीत सड़क निर्माण कर रहे हैं तथा अतिक्रमण को बचाने के लिए मार्ग बदलने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे।
सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार भूपालसागर से रोलिया-भादसोड़ा तक प्रस्तावित नवीन सड़क का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसकी स्वीकृत चौड़ाई 7 मीटर है। ग्राम बुल के दोनों छोरों पर निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन गांव के मध्य भाग में पहुंचते ही कुछ रसूखदारों द्वारा किए गए अवैध निर्माण और कृषि भूमि पर अतिक्रमण के कारण कार्य रुक गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इन अतिक्रमणों के कारण स्वीकृत मार्ग प्रभावित हो रहा है, जबकि वे प्रशासन को वैध तरीके से अतिक्रमण हटाने में पूरा सहयोग देने को तैयार हैं।
ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी विभाग के सहायक व कनिष्ठ अभियंता तथा संबंधित ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राजनीतिक प्रभाव में आकर अतिक्रमणकारियों को लाभ पहुंचाने के लिए स्वीकृत नक्शे में बदलाव का प्रयास किया जा रहा है।
इसी बीच 5 जून (शुक्रवार) को शाम करीब 5:40 बजे प्रशासनिक अमला दलबल के साथ अतिक्रमण हटाने पहुंचा था, जिसके बाद कार्रवाई को लेकर विवाद और गहरा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने महादेव मंदिर के पास सड़क पर बने बड़े अवैध निर्माणों पर कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि शंकरलाल पिता लालूराम जाट के बंद मकान के बाहर बनी चबूतरी को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के समय मकान पर ताला लगा था और पीड़ित परिवार घर पर मौजूद नहीं था तथा उन्हें कोई कानूनी नोटिस भी नहीं दिया गया था।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि इसके बाद टीम माधवलाल पिता भेरूलाल जाट के नोहरे के कोने तक पहुंची, लेकिन रसूख के चलते कार्रवाई बीच में ही रोक दी गई और प्रशासनिक अमला बिना आगे बढ़े लौट गया। इस एकतरफा कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि प्रशासन वास्तव में निष्पक्ष कार्रवाई चाहता है तो महादेव मंदिर के पास और अन्य स्थानों पर बने सभी रसूखदारों के अवैध निर्माणों को भी समान रूप से हटाया जाए तथा किसी प्रकार का भेदभाव न किया जाए।
इस संबंध में ज्ञापन की प्रतिलिपियां कपासन विधायक अर्जुन लाल जीनगर, उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, प्रधान, विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत बुल के प्रशासक तथा थानाधिकारी भूपालसागर को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई हैं। ज्ञापन सौंपने के दौरान भूपेश नाथ योगी, पंचायत समिति सदस्य सुरेश गाडरी, पुष्कर लाल जाट, प्रह्लाद जाट, विश्वास जाट, कैलाश चंद्र गुर्जर, किशन नाथ योगी, बालूसिंह भाटी, गणेश लाल गाडरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। मामला अब प्रशासनिक निष्पक्षता और सड़क निर्माण में पारदर्शिता को लेकर गंभीर बहस का विषय बन गया है।

Pratahkal Bureau
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