चित्तौड़गढ़ जिले की भूपालसागर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए थाने के टॉप-10 स्थाई वारंटियों की सूची में शुमार शातिर अपराधी देवीलाल उर्फ कोरिया को 8 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा अपराधियों की धरपकड़ हेतु चलाये जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई यह कार्रवाई क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी देवीलाल, रतनलाल भील का पुत्र है और आकोला थाना अंतर्गत पटोलिया का निवासी है। शातिर आरोपी पिछले 8 सालों से कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए निरंतर अपना ठिकाना और पहचान बदल रहा था।

पकड़े जाने से बचने के लिए देवीलाल ने बाबा का स्वांग रचा लिया था और अपना नाम बदलकर हुलिया पूरी तरह परिवर्तित कर लिया था। पुलिस की जांच में सामने आया कि वह बाबा के भेष में पिछले कई वर्षों से पाली और अजमेर के विभिन्न क्षेत्रों में छिपा हुआ था। अपनी पहचान को सफलतापूर्वक गोपनीय रखने के कारण वह लंबे समय तक पुलिस की पहुंच से दूर रहने में कामयाब रहा। हालांकि, इस बार मुखबिर से मिली सटीक और पुख्ता सूचना ने उसकी फरारी का अंत कर दिया। पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई थी कि आरोपी फतेहनगर के समीप स्थित निलिया महादेव मंदिर के पास संदिग्ध अवस्था में घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना समय गंवाए तत्काल दबिश दी और घेराबंदी कर उसे मौके से ही दबोच लिया।

भूपालसागर थाने के टॉप-10 स्थाई वारंटी देवीलाल को नियमानुसार गिरफ्तार करने के उपरांत न्यायालय में पेश किया गया है। इस महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली पुलिस टीम में एएसआई तेजमल मीणा, कॉन्स्टेबल लक्ष्मण और कॉन्स्टेबल अनिल की मुख्य भूमिका रही। 8 साल पुराने मामले में मिली इस कामयाबी ने पुलिस के सूचना तंत्र और मुस्तैदी को पुनः सिद्ध किया है, जिससे फरार अपराधियों में हड़कंप व्याप्त है।

Pratahkal Newsroom

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