औद्योगिक प्रदूषण और किसानों की समस्या

राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। उद्योग और युवा मामलों की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान विधायक जीनगर ने औद्योगिक प्रदूषण और स्थानीय बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने 'अन्नदाता' और 'युवा' दोनों के हितों की पुरजोर वकालत की।

विधायक जीनगर ने औद्योगिक इकाइयों की लापरवाही को उजागर करते हुए कहा:

"गणपति फर्टिलाइजर और जुबिलेंट जैसे उद्योगों से निकलने वाला जहरीला धुआं किसानों की फसलों को तबाह कर रहा है।"

विधायक जीनगर ने मांग की कि इन उद्योगों की लापरवाही से बर्बाद हुई फसलों का तुरंत सर्वे करवाकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए।


स्थानीय रोजगार और सीएसआर (CSR) फंड की मांग

  • विधायक जीनगर ने स्पष्ट किया कि विकास की कीमत पर क्षेत्र की जनता के स्वास्थ्य और भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
  • जीनगर ने मांग रखी कि औद्योगिक इकाइयों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार सुनिश्चित किया जाए।

कंपनियों के सीएसआर फंड के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा:

"इस धन का उपयोग कागजों के बजाय धरातल पर क्षेत्र के विकास और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था के लिए होना चाहिए।"

उन्होंने सदन में स्पष्ट किया कि विकास की कीमत पर क्षेत्र की जनता के स्वास्थ्य और भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Pratahkal Bureau

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