भूपालसागर में महाराणा प्रताप की गौरवगाथा से गूंजेगी धरा: 17 जून को होगा भव्य 'विशाल भजन संध्या' का आयोजन
भूपालसागर के महाराणा प्रताप चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक छोटूसिंह रावणा और संतगण शामिल होकर राष्ट्रनायक को भावांजलि देंगे।

भूपालसागर स्थित महाराणा प्रताप चौराहे पर स्थित प्रतिमा, जहाँ 17 जून 2026 को महाराणा प्रताप सेवा संस्थान द्वारा आयोजित भजन संध्या का मुख्य कार्यक्रम होगा।
भूपालसागर, चित्तौड़गढ़: राष्ट्रनायक महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग और स्वाभिमान की पावन स्मृति में भूपालसागर की धरा आगामी 17 जून 2026, बुधवार को भक्ति और देशभक्ति के अनूठे संगम का साक्षी बनने जा रही है। महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में महाराणा प्रताप सेवा संस्थान एवं सर्व हिन्दू समाज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाली ‘विशाल भजन संध्या’ के लिए क्षेत्र में तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक गरिमा का प्रतीक बनेगा, बल्कि क्षेत्र के युवाओं और धर्मप्रेमी जनता में राष्ट्र प्रेम की भावना को भी प्रबल करेगा।
महाराणा प्रताप सेवा संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष हेमेन्द्र सिंह ने बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन को भव्यता प्रदान करने के लिए कार्यकर्ताओं की विभिन्न टीमें दिन-रात सक्रिय हैं। मंच की साज-सज्जा, विशाल पांडाल, सुव्यवस्थित बैठक व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजन का मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध भजन गायक छोटूसिंह रावणा होंगे, जिनकी ओजस्वी वाणी और सुरीले कंठ से महाराणा प्रताप की शौर्य गाथाएं जीवंत हो उठेंगी। उनके भजनों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह राष्ट्रनायक के संघर्षों और उनके सिद्धांतों का स्मरण करेगा।
इस भक्तिमयी संध्या में सनातन धर्म के प्रख्यात संतों का पावन सानिध्य प्राप्त होगा। कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाने के लिए सूरज कुण्ड धाम, कुम्भलगढ़ के पूज्य संत श्री 1008 श्री अवधेश चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज, कपासन स्थित सोमेश्वर महादेव सिद्ध धूणा के महंत पूज्य श्री 1008 दिगम्बर खुशाल भारती जी महाराज और कुराबड़ के उत्तराधिकारी महंत पूज्य संत श्री 1008 श्री चेतनदास जी महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इन संतों का आशीर्वाद क्षेत्रवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
महाराणा प्रताप चौराहे पर आयोजित होने वाली यह भजन संध्या 17 जून की संध्या 7:00 बजे से आरंभ होगी, जो अनवरत प्रभु इच्छा तक चलेगी। कार्यकारी अध्यक्ष हेमेन्द्र सिंह एवं समस्त पदाधिकारियों ने सर्व हिन्दू समाज और समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं से इस गौरवमयी अवसर पर सपरिवार सम्मिलित होने का आग्रह किया है। राष्ट्रनायक के प्रति भावांजलि अर्पित करने का यह आयोजन भूपालसागर के इतिहास में एक अविस्मरणीय पृष्ठ के रूप में दर्ज होगा, जो आने वाली पीढ़ियों को त्याग और बलिदान की प्रेरणा देता रहेगा।

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