भूपालसागर उपखण्ड मुख्यालय पर सोमवार को आस्था और संकल्प का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला, जहाँ ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के अंतर्गत हजारों गौ-भक्तों, संत समाज और प्रबुद्ध नागरिकों ने गौ-वंश के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु हुंकार भरी। आकोला नरसिंह मंदिर के महंत बजरंगदास जी महाराज एवं भूपालसागर नरसिंह मंदिर के महंत मुरलीदास जी महाराज के तेजस्वी सान्निध्य में आयोजित इस महाअभियान ने क्षेत्र में गौ-सेवा के प्रति एक नई चेतना का संचार किया है। महाराणा भूपाल बस स्टैंड पर एकत्रित हुए विशाल जनसमूह ने ढोल-नगाड़ों की गूंज और गगनभेदी जयघोष के बीच एक भव्य शोभायात्रा निकाली, जो कस्बे के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई उपखण्ड कार्यालय पहुंची। यहाँ प्रदर्शनकारियों ने अपनी भावनाओं को स्वर देते हुए उपखण्ड अधिकारी महेश गगोरिया को महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक 8 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।

इस ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार से अविलंब ‘केन्द्रीय गो सेवा एवं संरक्षण अधिनियम’ लागू करने तथा एक पृथक व स्वतंत्र ‘गौ-पालन मंत्रालय’ के गठन की पुरजोर वकालत की गई है। आंदोलनकारियों की सबसे प्रमुख मांग देशी गौ-वंश को ‘राष्ट्रमाता’ अथवा ‘राष्ट्र आराध्या’ का संवैधानिक दर्जा प्रदान करना है। इसके अतिरिक्त, गौ-तस्करी और गौ-वध जैसे जघन्य कृत्यों को गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में रखकर दोषियों हेतु आजीवन कारावास एवं संपत्ति कुर्क करने जैसा कठोर कानून बनाने की मांग की गई। ज्ञापन में पंचगव्य आधारित प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने, मिड-डे मील व मंदिर प्रसाद में केवल देशी गाय के घी-दूध का उपयोग अनिवार्य करने, राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रति 50 किलोमीटर पर ‘गो-वाहिनी एम्बुलेंस’ की सुविधा उपलब्ध कराने तथा जिला स्तर पर ‘आदर्श गौ अभयारण्य’ स्थापित करने के महत्वपूर्ण प्रस्ताव सम्मिलित हैं। भावी पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने हेतु स्कूली पाठ्यक्रम में ‘गो-विज्ञान’ को अनिवार्य विषय बनाने की बात भी प्रमुखता से रखी गई।

अभियान के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूर्णतः सात्विक, अहिंसक एवं गैर-राजनीतिक है, जिसका एकमात्र ध्येय भारतीय अर्थव्यवस्था, पर्यावरण संतुलन और सनातन परंपरा की आधारशिला गौ-वंश को सुरक्षित करना है। ज्ञापन में संवैधानिक आधार के रूप में अनुच्छेद 48 के नीति निदेशक तत्वों और अनुच्छेद 51A (g) के मौलिक कर्तव्यों का हवाला देते हुए गौ-संरक्षण को एक राष्ट्रीय दायित्व बताया गया है। साथ ही, प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि यदि 27 जुलाई 2026 तक इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो इस आंदोलन को जिला एवं राज्य स्तर पर और अधिक तीव्र किया जाएगा। आयोजन के दौरान सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु भूपालसागर थानाधिकारी घेवरचंद रेगर के नेतृत्व में व्यापक पुलिस बल तैनात रहा, जिससे यह विशाल आयोजन शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।




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