भूपालसागर (चित्तौड़गढ़)। क्षेत्र में चने की बम्पर पैदावार के बावजूद सरकारी खरीद केंद्र की अनुपलब्धता ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। किसानों की इसी ज्वलंत समस्या को देखते हुए पंचायत समिति सदस्य सुरेश गाडरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी महेश गगोरिया को ज्ञापन सौंपकर भूपालसागर उपखंड मुख्यालय पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर चना खरीद हेतु नया तौल केंद्र स्थापित करने की पुरजोर मांग की है।

ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया कि चालू सीजन में क्षेत्र में चने की पैदावार में भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर तौल केंद्र की सुविधा न होने से कृषक समुदाय को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान व्यवस्था के तहत किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लगभग 12 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। इस लंबी दूरी के कारण न केवल परिवहन खर्च में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है, बल्कि किसानों के शुद्ध मुनाफे पर भी सीधा प्रहार हो रहा है। किसानों का तर्क है कि यदि उपखंड मुख्यालय पर ही तौल केंद्र का संचालन प्रारंभ हो जाता है, तो स्थानीय काश्तकारों को समय और धन दोनों की बड़ी बचत होगी।

किसान संघ अध्यक्ष एवं पंचायत समिति सदस्य सुरेश गाडरी ने प्रशासन से आग्रह किया है कि किसानों के व्यापक हित और उनकी आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए अतिशीघ्र यहाँ अतिरिक्त चना केंद्र शुरू किया जाए। इस अवसर पर क्षेत्र के कई जागरूक किसान और जन प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में इस मांग का समर्थन करते हुए इसे क्षेत्र की अनिवार्य आवश्यकता बताया।

इनका कहना है:

क्षेत्र में चने की पैदावार अच्छी है, लेकिन केंद्र दूर होने से किसान परेशान हैं। मुख्यालय पर केंद्र खुलने से सैकड़ों किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

— सुरेश गाडरी, पंचायत समिति सदस्य

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

Next Story