भूपालसागर: ग्रामीण महिला सशक्तिकरण को नई धार, राजीविका की समीक्षा बैठक में लक्ष्यों को समयबद्ध पूर्ण करने का संकल्प
चित्तौड़गढ़ के भूपालसागर में डीपीएम डॉ. रमेश धाकड़ की अध्यक्षता में राजीविका की महत्वपूर्ण ब्लॉक स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जाशमा, ताणा और आकोला क्लस्टर की समूह सखियों को निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और ग्रामीण महिलाओं को आजीविका से जोड़कर सशक्त बनाने के कड़े निर्देश दिए गए। डॉ. धाकड़ ने अन्नपूर्णा रसोई का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।

भूपालसागर (चित्तौड़गढ़)। ग्रामीण अंचल की महिलाओं के आर्थिक उत्थान और स्वावलंबन को समर्पित राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) के प्रयासों में अब और गति देखने को मिलेगी। बुधवार को पंचायत समिति भूपालसागर के ऐतिहासिक महाराणा प्रताप सभागार में आयोजित ब्लॉक स्तरीय समीक्षा बैठक ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है। जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) डॉ. रमेश धाकड़ की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में न केवल लक्ष्यों की समीक्षा की गई, बल्कि ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने वाले कैडर्स में एक नई ऊर्जा का संचार भी किया गया।
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित किए गए लक्ष्यों की प्रगति रही। चर्चा के दौरान डॉ. धाकड़ ने स्पष्ट किया कि विकास की योजनाएं तभी सार्थक हैं जब वे अंतिम छोर पर बैठी महिला तक समय पर पहुँचें। उन्होंने शेष लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए एक ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत की और उपस्थित अधिकारियों व फील्ड स्टाफ को कड़े दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान ब्लॉक परियोजना प्रबंधक पवन कुमार भाटी और आरपीआरटी प्रिया कंवर ने भी ब्लॉक की प्रगति रिपोर्ट साझा की।
समीक्षा बैठक में भूपालसागर के साथ-साथ जाशमा, ताणा और आकोला क्लस्टर से आए समस्त कैडर, जिनमें समूह सखी और आजीविका सखी शामिल थीं, को संबोधित करते हुए डीपीएम ने उनके कार्यों की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कैडर्स ही इस मिशन की रीढ़ हैं, जिनके माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के विभिन्न साधनों से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाया जा रहा है। डॉ. धाकड़ ने निर्देश दिए कि आवंटित लक्ष्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों को बिना किसी विलंब के प्राप्त हो सके।
समीक्षा बैठक के गहन मंथन के उपरांत, डॉ. रमेश धाकड़ ने धरातल पर चल रही व्यवस्थाओं को परखने के लिए भूपालसागर स्थित अन्नपूर्णा रसोई का औचक निरीक्षण किया। वहां उन्होंने भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों का जायजा लेते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। यह बैठक और निरीक्षण इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्रशासन अब ग्रामीण विकास के लक्ष्यों को लेकर न केवल गंभीर है, बल्कि परिणामों के प्रति जवाबदेह भी है।

Pratahkal Bureau
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