राजस्थान सरकार के जल संरक्षण अभियान के तहत प्रभारी सचिव विकास सीताराम और विधायक अर्जुन लाल जीनगर की मौजूदगी में कलश यात्रा और जल पूजन के साथ कार्यक्रम का आगाज हुआ।

भूपालसागर डेम पर सोमवार, 25 मई को राजस्थान सरकार के ‘माँ वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ का भव्य आगाज हुआ। कार्यक्रम का आयोजन प्रभारी सचिव विकास सीताराम के मुख्य आतिथ्य में किया गया, जिसमें जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. मंजु ने की, जबकि अतिरीक्त जिला कलेक्टर दिनेश चन्द्र धाकड़, उपवन संरक्षक राहुल झांझडिया, कपासन विधायक अर्जुन लाल जीनगर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय पाठक, एसडीएम महेश गगोरिया, विकास अधिकारी मुकेश पोरवाल सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष हेमेन्द्र सिंह राणावत, ग्राम पंचायत प्रशासक प्यारचंद भील, किसान संघ ब्लॉक अध्यक्ष सुरेश चंद्र गाडरी, भाजपा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष शोभा देवी जाट, आकोला मंडल अध्यक्ष शम्भू लाल गाडरी, भाजपा नेता प्रताप सिंह भाटी एवं बलवंन्त सिंह औस्तवाल भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत कलश यात्रा से हुई, जो भूपालसागर डेम की पाल पर स्थित हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर आयोजन स्थल तक पहुंची। यहां विधिवत जलदेव की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद अतिथियों का उपरना पहनाकर तथा बुके भेंट कर स्वागत किया गया।

मुख्य अतिथि विकास सीताराम ने संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले समय में जल संकट गंभीर रूप ले सकता है, इसलिए अभी से जल संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार विश्व में तेल को लेकर संघर्ष की स्थिति बनी है, यदि समय रहते जल संरक्षण नहीं किया गया तो भविष्य में पानी के लिए भी युद्ध जैसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने भूपालसागर शुगर मिल के बंद होने का उदाहरण देते हुए कहा कि जल संसाधनों की कमी का प्रभाव सीधे विकास और उद्योगों पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि जिले को 40 हजार घन फीट जल संचयन का लक्ष्य दिया गया है, जिसे जिला कलेक्टर और विधायक के प्रयासों से 75 हजार घन फीट तक ले जाने का लक्ष्य है।

विधायक अर्जुन लाल जीनगर ने कहा कि भूपालसागर क्षेत्र में कभी शुगर मिल, कपास मिल और चावल मिल संचालित थीं, जो जल की कमी के कारण बंद हो गईं। उन्होंने वृक्षों की अंधाधुंध कटाई पर चिंता व्यक्त करते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को प्रभावी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेड़ काटने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए और अवैध कोयला भट्टियों को तुरंत बंद कराया जाए। उन्होंने डीके फीडर एवं बीएस फीडर से जुड़े प्रयासों का उल्लेख करते हुए बनास के पानी को बांधों तक पहुंचाने के कार्यों की सराहना की तथा माही और जाखम का पानी क्षेत्र तक पहुंचाने की इच्छा व्यक्त की।

कार्यक्रम में जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई तथा राजीविका से जुड़ी सात महिलाओं को पीपल के पौधे प्रदान किए गए, जिन्हें लगाने और देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी गई।

समारोह के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में विधायक ने कहा कि जल संरक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है और इसे जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह अभियान 25 मई से 5 जून तक चलाया जाएगा।

डीके फीडर से जुड़े किसानों के मुआवजे के सवाल पर विधायक ने कहा कि अधिशाषी अभियंता से वार्ता की गई है और लंबित मामलों की रिपोर्ट तैयार कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया है।

कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों एवं अधिकारियों ने प्रताप सर्कल पर महाराणा प्रताप, पन्नाधाय, उदयसिंह, चंदन और राणा पूंजा की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित किए।

यह आयोजन जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता और सामूहिक सहभागिता का महत्वपूर्ण संदेश देता हुआ संपन्न हुआ, जिसमें प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आमजन की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

Pratahkal Bureau

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