मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रतापगढ़ के बम्बोरी में की रात्रि चौपाल
मुख्यमंत्री ने प्रतापगढ़ के बम्बोरी गांव में ग्रामीणों के साथ संवाद कर योजनाओं की समीक्षा की और ग्राम 2026 एग्रीटेक मीट की घोषणा की।

प्रतापगढ़ के बम्बोरी गांव में आयोजित मुख्यमंत्री की चौपाल के दौरान ग्रामीणों को संबोधित करते मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और साथ में मौजूद अन्य जनप्रतिनिधि।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के ग्रामीण अंचल के चहुंमुखी विकास और जन-जन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के संकल्प को दोहराते हुए प्रतापगढ़ जिले के बम्बोरी गांव में रात्रि विश्राम किया और देर रात तक आयोजित 'मुख्यमंत्री की चौपाल' में ग्रामीणों के साथ आत्मीय संवाद कर विकास की नई इबारत लिखी। बदलते दौर की चुनौतियों और संभावनाओं के बीच मुख्यमंत्री ने किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाकर लाभकारी खेती करने और युवाओं को राष्ट्र की सबसे बड़ी आशा बताते हुए पारदर्शी शासन का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान खाट पर बैठकर ग्रामीणों के साथ खेती, सिंचाई, पेयजल, सड़क, बिजली, रोजगार, शिक्षा और जनजाति विकास जैसे स्थानीय विषयों पर विस्तार से चर्चा की, जहां डबल इंजन सरकार की नीतियों से लाभान्वित किसानों ने स्वयं को 'मालामाल' बताया और लखपति दीदियों ने अपनी आर्थिक आत्मनिर्भरता की गौरवगाथा साझा की।
चौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप मातृ शक्ति का सशक्तिकरण ही समृद्ध राष्ट्र का आधार है, जिसके तहत प्रदेश में 21 लाख महिलाओं को प्रशिक्षण देकर 16 लाख से अधिक महिलाओं को 'लखपति दीदी' की श्रेणी में लाया गया है। उन्होंने लखपति दीदियों को समाज और सरकार के बीच एक मजबूत कड़ी बनने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने महिला कल्याण की दिशा में राज्य सरकार के कदमों को रेखांकित करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की राशि को 5 हजार से बढ़ाकर 6 हजार 500 रुपये किया गया है और 'मा वाउचर योजना' के माध्यम से निःशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा प्रदान की जा रही है। किसानों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्होंने 23 से 25 मई तक जयपुर में आयोजित होने वाले 'ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-ग्राम 2026' की घोषणा की, जिसमें देश-विदेश के वैज्ञानिक और उद्यमी शामिल होंगे। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती, सोलर ऊर्जा और ड्रिप सिंचाई अपनाने हेतु प्रेरित किया और बताया कि 27 अप्रैल से जारी 'ग्राम विकास रथ अभियान' के माध्यम से प्रत्येक पंचायत तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा रही है तथा 'मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान' के तहत वर्ष 2030, 2035 और 2047 तक का दीर्घकालीन रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
युवाओं के भविष्य पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत ढाई वर्षों में पेपरलीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाकर परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है, जिससे युवाओं का विश्वास तंत्र में पुनः लौटा है। चौपाल के दौरान महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा दृश्य तब देखने को मिला जब मंच पर महिला प्रभारी मंत्री, संभागीय आयुक्त, कलेक्टर और सरपंच की उपस्थिति ने नारी शक्ति के बढ़ते कदमों को दर्शाया। मुख्यमंत्री ने आदिवासी कलाकारों के साथ पारंपरिक गैर नृत्य में सम्मिलित होकर उनका उत्साहवर्धन किया और ग्राम रथ की गतिविधियों का अवलोकन किया। इस अवसर पर लखपति दीदी कांता सेन और ईना रावत ने अपनी सफलता की कहानियां सुनाईं, वहीं किसान मांगीलाल, सुरेश, सीताराम धाकड़, बालूराम और किशन जी ने जैविक खेती, सब्सिडी, सम्मान निधि और पशु बीमा योजना के लाभों पर संतोष व्यक्त किया। स्कूली छात्रा लवीशा के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने बम्बोरी विद्यालय में विज्ञान संकाय खोलने, सरस डेयरी बूथ स्थापित करने और बम्बोरी तालाब के सौंदर्यीकरण के निर्देश देकर जनसंवाद को सार्थक बनाया। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, राज्य मंत्री गौतम कुमार दक, डॉ. मंजू बाघमार, सांसद सीपी जोशी और पूर्व मंत्री श्रीचंद कृपलानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जो ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की अडिग प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण बना।

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