चलते रहेंगे यह काफिले हमारे बगैर भी, एक तारा टूटने से आसमान सूना नहीं होता..." अपनी जादुई आवाज़ और निर्गुणी भजन शैली से लाखों दिलों पर राज करने वाले मेवाड़ के सांस्कृतिक गौरव, भजन सम्राट धनराज जोशी की स्वर लहरी अब हमेशा के लिए शांत हो गई है। मेवाड़ की शान और बड़वाई निवासी 56 वर्षीय धनराज जोशी का गुरुवार प्रातः करीब 4 बजे उदयपुर-चित्तौड़गढ़ नेशनल हाईवे पर वातडा होटल के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में निधन हो गया। संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है क्योंकि निर्गुणी भजनों के जिस 'बेताज बादशाह' ने सात समंदर पार तक अपनी पहचान बनाई थी, वह अब हमारे बीच नहीं रहे।

घटनाक्रम के अनुसार, धनराज जोशी हल्दीघाटी के पास आयोजित एक भव्य भजन संध्या में अपनी प्रस्तुति देने के बाद अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान चालक को नींद की झपकी आने के कारण वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया और मेवाड़ की बुलंद आवाज़ हमेशा के लिए मंद हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही हाईवे एंबुलेंस तत्काल मौके पर पहुंची और उन्हें डबोक चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डबोक सहायक थानाधिकारी मुकेश कुमार सहित पुलिस बल ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूर्ण कर शव परिजनों को सौंप दिया।







जैसे ही दोपहर करीब 1:30 बजे मृतक का पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास पहुँचा, पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया और हर आंख नम हो गई। अंतिम दर्शनों के लिए उमड़े जनसैलाब के बीच गमगीन माहौल में जोशी का दाह संस्कार किया गया, जहाँ उनके बड़े पुत्र गणपत व सोनू ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस अंतिम यात्रा में संगीत और अध्यात्म जगत की बड़ी हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें भजन गायक जगदीश वैष्णव मुंगाना, लेहरु दास तासोल, नरेश प्रजापत भीलवाड़ा, चैनसुख जागीड़, प्रेम शंकर जाट भीलवाड़ा, नारायण लाल सेन सावा, लक्ष्मण सिंह गढवी, फतेह लाल माराज हिंता, भेरूलाल भाट, अर्जुन राणा रामनगर आसींद, राधेश्याम वैष्णव काबरा, मधुबाला राव उदयपुर और नारायण लाल लोहार कपासन समेत हजारों कलाकार व प्रशंसक मौजूद रहे।

भजन सम्राट के निधन पर राजनीतिक जगत ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है। नागरिक उड्डयन व सहकारिता मंत्री गौतम दक, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी, वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी, पूर्व विधायक रणधीर सिंह भींडर और प्रीति कुंवर शक्तावत ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि दी और इसे संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया।

धनराज जोशी केवल एक विलक्षण गायक ही नहीं, बल्कि एक परम मातृभक्त और बेहद सरल व्यक्तित्व के धनी थे। उनके निधन को संगीत प्रेमियों ने 'भजन की दुनिया का काला दिन' करार दिया है। मार्मिक बात यह रही कि निधन से महज चार घंटे पहले हल्दीघाटी के मंच पर उन्होंने 'उठो मुसाफिर बिस्तर छोड़ो गाड़ी आने वाली है, राम नाम का टिकट कटा लो घंटी बजाने वाली है' जैसे भजनों की प्रस्तुति दी थी, जो अब उनके प्रशंसकों के लिए मौत का पूर्व आभास और एक गहरा जख्म बनकर रह गया है। उनके जाने से मेवाड़ के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गौरव का एक विराट स्तंभ ढह गया है।

Praveen Mehta, Dungla

Praveen Mehta, Dungla

नाम: प्रवीण मेहता

वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातकाल)

कार्यक्षेत्र: डूंगला उपखंड, जिला चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): प्रशासन, शिक्षा, और राजनीति

परिचय

प्रवीण मेहता राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले डूंगला उपखंड क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा व्यवस्था, स्थानीय राजनीति, घटना-दुर्घटना और जनहित से जुड़े कार्यों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाना, ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को इन योजनाओं से जोड़ना और सामाजिक सरोकार के मुद्दों को निष्पक्षता से उठाना है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

प्रवीण मेहता को प्रिंट और डिजिटल मीडिया में दो दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:

  • जय राजस्थान, मेवाड़ी मीरा, और जननायक: वर्ष 2002 में इन समाचार पत्रों में कार्य किया।
  • दैनिक दशपुर एक्सप्रेस: वर्ष 2006 से लगातार 12 वर्षों तक इस समाचार पत्र में अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक भास्कर: वर्ष 2008 से 2012 तक संवाददाता और एजेंसी के रूप में कार्य किया।
  • प्रातकाल: वर्ष 2018 से वर्तमान तक लगातार 'प्रातकाल' समाचार पत्र के संवाददाता के रूप में डूंगला क्षेत्र में कार्यरत हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा 10वीं कक्षा तक पूरी की है।

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