बेगूं में नंदीशाला की मांग तेज, निराश्रित नंदियों से बढ़ी जनपरेशानी
बेगूं में निराश्रित नंदियों की बढ़ती संख्या आमजन के लिए समस्या बन गई है। नागरिकों और संगठनों ने आधुनिक नंदीशाला निर्माण की मांग तेज कर दी है, जिसमें शेड, चारा भंडार, जल टंकियां और औषधि कक्ष जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। प्रस्तावित नंदीशाला से नगरवासियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित होगी।

बेगूं। नगर क्षेत्र में लगातार बढ़ती निराश्रित नंदियों (सांडों) की संख्या अब आमजन के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। मुख्य बाजारों, चौराहों और आवासीय इलाकों में घूमते नंदी न केवल यातायात बाधित कर रहे हैं, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ा रहे हैं। इस स्थिति ने सामाजिक संगठनों और नागरिकों में चिंता की लकीर खींच दी है और उन्होंने तत्काल प्रभाव से आधुनिक नंदीशाला के निर्माण की मांग तेज कर दी है।
जिले के कपासन क्षेत्र में पहले से स्वीकृत नंदीशाला मॉडल को आधार बनाकर नागरिकों और संगठनों का मानना है कि बेगूं में भी इसी तरह की सुव्यवस्थित और आधुनिक नंदीशाला का निर्माण किया जाना चाहिए। प्रस्ताव के अनुसार, जनसहभागिता योजना के तहत गोपालन विभाग के माध्यम से नंदीशाला का निर्माण कराया जा सकता है, जिसमें कुल लागत का 10 प्रतिशत नगरपालिका द्वारा और शेष राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जा सकती है। इससे पालिका पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
प्रस्तावित नंदीशाला में आधुनिक सुविधाओं की विस्तृत योजना शामिल है। इसमें सुसज्जित शेड, चारा भंडार गृह, खुला परिसर, जल टंकियां, वर्मी खाद इकाई, बीमार नंदियों के लिए पृथक शेड, औषधि कक्ष, कर्मचारी आवास, कार्यालय एवं सुरक्षा कक्ष जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही भविष्य में परिसर में नंदी महाराज की प्रतिमा स्थापित कर इसे धार्मिक एवं सामाजिक आस्था से जोड़ा जाने का सुझाव भी रखा गया है।
नागरिकों ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में नंदी संरक्षण के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं हुए, जिससे आमजन को लगातार परेशानी उठानी पड़ी। नए बोर्ड से उम्मीद है कि शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति दिलाई जाएगी, ताकि निराश्रित नंदियों की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके और नगरवासियों की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित हो।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
