बेगूं। नगर पालिका चुनाव को लेकर कांग्रेस में टिकट वितरण के बाद पार्टी के भीतर कथित गुटबाजी और असंतोष के स्वर अब चुनावी मैदान में दिखाई देने लगे हैं। पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार नामांकन की पूर्व रात्रि करीब 2 बजे तक टिकटों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई थी। इसके बाद चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी विधूड़ी गुट के हाथों में जाने की चर्चा रही।

टिकट वितरण में पर्याप्त समन्वय नहीं होने के कारण कई प्रतिष्ठित, कर्मठ और जीताऊ माने जाने वाले दावेदारों को कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का अवसर नहीं मिल पाया। इनमें महिला जिला कांग्रेस अध्यक्ष यशोदा पुरोहित, वर्तमान पालिका उपाध्यक्ष प्रिंस बाबेल, पूर्व पालिका अध्यक्ष वर्दीचंद कोठारी के परिवार से सपना कोठारी तथा पूर्व पार्षद ममता जैन सहित कई नामों को लेकर कार्यकर्ताओं में चर्चा रही।

कई वार्डों में कांग्रेस को अंतिम समय तक प्रत्याशियों की तलाश करनी पड़ी। इससे पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं और दावेदारों में मायूसी तथा असंतोष की स्थिति बनने की चर्चा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि टिकट वितरण के दौरान उभरा असंतोष कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के लिए चुनावी चुनौती बढ़ा सकता है।

कांग्रेस के परंपरागत रूप से मजबूत माने जाने वाले वार्ड नंबर 12, 13, 14 और 15 में टिकट वितरण के बाद पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। वार्ड नंबर 12 में करीब एक दर्जन निर्दलीय प्रत्याशियों के मैदान में उतरने से मुकाबला बहुकोणीय हो गया है। वहीं वार्ड नंबर 13 में पूर्व पार्षद हाजी सरफराज अंसारी अपने समर्थकों के साथ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं।

वार्ड नंबर 14 में कमली बाई रेगर, वार्ड नंबर 15 में इमरान अंसारी, वार्ड नंबर 8 में जीनू बानु मंसूरी तथा वार्ड नंबर 5 में वर्तमान पार्षद मदन रेगर की पत्नी सीता रेगर के निर्दलीय मैदान में उतरने से कांग्रेस के सामने चुनौती बढ़ती दिखाई दे रही है। वार्ड नंबर 19 सहित अन्य अल्पसंख्यक बाहुल्य वार्डों में भी कई निर्दलीय प्रत्याशी कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवारों के सामने मुकाबले में हैं।

टिकट वितरण के बाद ओबीसी नेता शिवप्रकाश छीप का नाम भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। शिवप्रकाश छीप लगातार नगर पालिका चुनावों में सक्रिय रहे हैं और उन्हें विधूड़ी समर्थक के तौर पर देखा जाता रहा है। स्थानीय स्तर पर वार्ड नंबर 11 में उनके पक्ष में समीकरण होने की चर्चा के बावजूद उन्हें कांग्रेस का टिकट नहीं मिलने से समर्थकों में नाराजगी की बात सामने आ रही है।

दिलचस्प पहलू यह भी है कि टिकट वितरण में विधूड़ी गुट की भूमिका की चर्चा के बीच कई ऐसे दावेदारों के निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने की बात कही जा रही है, जिन्हें स्थानीय स्तर पर विधूड़ी समर्थक माना जाता रहा है। इससे पार्टी के भीतर टिकट वितरण को लेकर सवाल और चर्चाएं दोनों तेज हो गई हैं।

कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर आंजना और विधूड़ी गुट के बीच कथित खींचतान तथा आर्य समर्थकों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलने की चर्चाओं ने भी पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को प्रभावित किया है। नामांकन के बाद कई दावेदारों और उनके समर्थकों के निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने से कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के सामने मुकाबला और कठिन हो गया है।

अब चुनावी तस्वीर में सबसे बड़ा सवाल यही है कि टिकट वितरण से उपजा असंतोष मतदान के दिन किस रूप में सामने आता है और निर्दलीय प्रत्याशी कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक में कितनी सेंध लगा पाते हैं। नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस के लिए टिकट वितरण के बाद बने ये समीकरण परिणामों पर कितना असर डालेंगे, यह चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

Deepanshu Sharma, Chittorgarh

Deepanshu Sharma, Chittorgarh

नाम: दीपांशु शर्मा

वर्तमान पद: रिपोर्टर (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: बेगू तहसील (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक एवं प्रशासनिक

अनुभव: 8 वर्ष (कुल)

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता

  • राजनीतिक विश्लेषण: बेगू क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों का विश्लेषण और राजनीतिक घटनाक्रमों की कवरेज।
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  • त्वरित कवरेज: क्षेत्र में घटने वाली घटनाओं, दुर्घटनाओं और तात्कालिक खबरों की सबसे पहले कवरेज।
  • प्रशासनिक खबरें: प्रशासनिक निर्णयों, विभागीय कार्यप्रणालियों और अंदरूनी (अंदर खाने की) खबरों की सटीक जानकारी।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • प्रातःकाल: पिछले 3 वर्षों से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र के साथ जुड़कर बेगू तहसील में कार्यरत हैं।
  • पूर्व अनुभव: इससे पहले 5 वर्ष पूर्व से सांध्यकालीन दैनिक 'कवर स्टोरी' समाचार पत्र से जुड़े हुए थे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

कला स्नातक (B.A.)

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