बेगूं नगरपालिका में बड़ी कार्रवाई, जांच के बीच 1500 फाइलें सीज
चित्तौड़गढ़ के बेगूं में अवैध भूमि रूपांतरण और नियम विरुद्ध पट्टे जारी करने की शिकायत पर कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम ने की रात भर जांच।

चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं नगरपालिका कार्यालय में शनिवार रात नियमों के विपरीत पट्टे जारी करने की शिकायत पर फाइलों को सीज करते प्रशासनिक अधिकारी।
चित्तौड़गढ़। बेगूं नगरपालिका में कथित अनियमितताओं और बड़े पैमाने पर प्रशासनिक हेरफेर की गंभीर शिकायत के बाद प्रशासन ने एक बेहद सख्त और चौंकाने वाली कार्रवाई को अंजाम दिया है। चित्तौड़गढ़ कलेक्टर डॉ. मूंज के कड़े और स्पष्ट निर्देशों के बाद हरकत में आए बेगूं एसडीएम अंकित सामरिया ने शनिवार रात अचानक नगरपालिका कार्यालय पहुंचकर एक बड़ी जांच प्रक्रिया को आरंभ करवाया। इस बेहद संवेदनशील और गोपनीय तरीके से शुरू हुई इस प्रशासनिक छापेमारी के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं की स्वीकृति, भूमि रूपांतरण, भूमि नियमन और नियम विरुद्ध पट्टा जारी करने से जुड़ी करीब 1500 महत्वपूर्ण फाइलों को तुरंत प्रभाव से सीज कर दिया गया है, जिससे विभाग के भीतर भारी हड़कंप मच गया है।
इस बड़े घटनाक्रम की नींव बेगूं निवासी अशोक पगारिया द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत से जुड़ी है। शिकायतकर्ता अशोक पगारिया ने जिला कलेक्टर और एसडीएम को एक लिखित शिकायत सौंपकर नगरपालिका प्रशासन पर नियमों को ताक पर रखकर अवैध तरीके से भूमि रूपांतरण करने, भूमि नियमन करने और अवैध पट्टे जारी करने का बेहद गंभीर आरोप लगाया था। इस शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि नगरपालिका के सरकारी रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई है और कुछ चुनिंदा प्रभावशाली लोगों को कौड़ियों के दाम पर बेशकीमती सरकारी भूमि के पट्टे नियम विरुद्ध तरीके से जारी कर दिए गए हैं।
प्राप्त शिकायत में दर्ज तथ्यों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए एसडीएम अंकित सामरिया खुद शनिवार देर रात भारी जाब्ते के साथ नगरपालिका कार्यालय पहुंचे। वहां पहुंचते ही उन्होंने नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) विष्णु यादव सहित कार्यालय के अन्य सभी संबंधित कर्मचारियों को मौके पर ही तलब किया और गहनता से सरकारी दस्तावेजों व पत्रावलियों की जांच शुरू करवाई। रात भर चली इस मैराथन प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान हेरफेर की आशंका वाली 1500 से अधिक महत्वपूर्ण फाइलें पूर्णतः जब्त कर सीज कर दी गईं, ताकि रिकॉर्ड के साथ कोई छेड़छाड़ न की जा सके।
प्रशासनिक हंटर यहीं नहीं रुका; इसी कड़ी में रविवार को एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए पीपली खेड़ा के पास अवैध रूप से कब्जाई गई नगरपालिका की बेशकीमती सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का बड़ा अभियान चलाया गया। एसडीएम के सख्त निर्देशों का पालन करते हुए ईओ विष्णु यादव स्थानीय पुलिस जाब्ते और नगरपालिका की पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां भारी विरोध की आशंका के बीच जेसीबी मशीन की सहायता से अवैध पक्के व कच्चे अतिक्रमण को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया और मुक्त कराई गई भूमि पर 'नगरपालिका संपत्ति' का आधिकारिक बोर्ड लगा दिया गया।
इस पूरी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के तहत नगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पीपली खेड़ा स्थित आराजी संख्या 392, रकबा 0.6100 हेक्टेयर भूमि को भू-माफियाओं के चंगुल से पूरी तरह से मुक्त कराया गया है। प्रशासनिक गलियारों में इस कार्रवाई ने एक बड़ा संदेश दिया है, वहीं आधिकारिक सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे महाघोटाले के मामले में जांच अभी भी अत्यंत गहनता से जारी है और फाइलों की स्क्रूटनी के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

