बेगूं के गोरला गांव में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने खसरा संख्या 106-107 पर बिना अनुमति जमा की गई 100 टन बजरी को जब्त कर जांच शुरू की है।

अवैध खनन और खनिजों के बेजा भंडारण के विरुद्ध चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत बेगूं में प्रशासन और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। संयुक्त टीम ने एक औचक निरीक्षण के दौरान लगभग 100 टन अवैध बजरी के भंडारण को जब्त कर क्षेत्र में माफियाओं के हौसलों पर कड़ा प्रहार किया है। खनि अभियंता, चित्तौड़गढ़ के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई ने खनिज माफियाओं में हड़कंप मचा दिया है।

घटनाक्रम के अनुसार, बेगूं थानाधिकारी कमलचंद मीणा, तहसीलदार गोपाल जीनगर और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए जांच अभियान चलाया था। इस दौरान टीम को ग्राम गोरला के निकट संदिग्ध स्थानों की तलाशी लेते समय बजरी का विशाल अवैध स्टॉक मिला। जांच में सामने आया कि यह अवैध भंडारण ग्राम चौहानों का नया गांव स्थित खसरा संख्या 106 और 107 के अंतर्गत आता है। हालांकि, निरीक्षण के वक्त मौके पर कोई व्यक्ति, वाहन या मशीनरी मौजूद नहीं थी, जिससे भंडारणकर्ताओं की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

राजस्व विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की कि उक्त भूमि पर बजरी भंडारण के लिए कोई भी वैध अनुमति प्राप्त नहीं की गई थी। राजस्थान लघु खनिज रियायत नियम, 2017 (RMMCR-2017) के नियम 54 का सीधा उल्लंघन पाए जाने के बाद प्रशासन ने पूरी 100 टन बजरी को अपने कब्जे में ले लिया। जब्त की गई बजरी को कड़ी सुरक्षा के बीच बेगूं पुलिस थाना परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया है। फिलहाल, राजस्व और पुलिस विभाग की टीमें संयुक्त रूप से गहन जांच कर रही हैं ताकि दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन के विरुद्ध यह मुहिम निरंतर जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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