बेगूं। भारतीय किसान संघ, बेगूं तहसील के पदाधिकारियों ने फसल बीमा एवं आपदा राहत राशि में कथित अनियमितताओं को लेकर कृषि मंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2025 (संवत 2082) की फसल खराब होने के बावजूद कई किसानों को राहत राशि नहीं मिली, जबकि कुछ किसानों के खातों में अनियमित रूप से राशि जमा होने की शिकायतें सामने आई हैं।

क्रॉप कटिंग और नुकसान के आकलन में गंभीर विसंगतियां

किसान संघ ने आरोप लगाया कि "क्रॉप कटिंग के दौरान अधिकारियों की अनुपस्थिति में फसल नुकसान का आकलन सही तरीके से नहीं किया गया।" राजस्व विभाग द्वारा जहां 46 प्रतिशत फसल खराब होने की रिपोर्ट दी गई, वहीं बीमा कंपनी और कृषि विभाग के कर्मचारियों ने मात्र 24 से 28 प्रतिशत नुकसान बताया, जिससे किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिल पाया।

मिलीभगत के आरोप और किसानों की वंचना

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि "बीमा कंपनी के कर्मचारियों और कृषि विभाग के कार्मिकों की मिलीभगत से फसल नुकसान को कम दिखाया गया।" कई किसानों को उनकी फसल के नुकसान के बावजूद राहत राशि से वंचित रहना पड़ा।

निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

भारतीय किसान संघ ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, क्रॉप कटिंग के दौरान अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, फसल नुकसान का सही आकलन किया जाए तथा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही जिन किसानों को नुकसान हुआ है उन्हें जल्द राहत राशि दिलाने की मांग भी की गई। इस दौरान भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष और पदाधिकारी मौजूद रहे।

Pratahkal Bureau

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