बेगूं सड़क हादसा: मृत शिक्षक के परिजनों को ब्याज सहित 1.16 करोड़ रुपये से अधिक मुआवजा
बेगूं सड़क हादसे में मृत शिक्षक राधेश्याम धाकड़ के परिजनों को मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण ने ब्याज सहित 1.16 करोड़ रुपये से अधिक मुआवजा देने का आदेश दिया।

तस्वीर में बेगूं स्थित न्यायालय भवन का मुख्य प्रवेश द्वार और ऊपर लिखा बोर्ड दिखाई दे रहा है।
बेगूं स्थित मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश के पीठासीन अधिकारी नीरज कुमार ने सड़क दुर्घटना में मृत शिक्षक के आश्रितों के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए ब्याज सहित 1 करोड़ 16 लाख 46 हजार 818 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि देने का आदेश दिया है।
प्रकरण के अनुसार रावतभाटा तहसील के टाकरदा निवासी राधेश्याम धाकड़ की 19 फरवरी 2024 को सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उनकी पत्नी धापूबाई धाकड़ और बच्चों ने अधिवक्ता योगेश व्यास एवं शैलेंद्र कुमार के माध्यम से मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण में क्षतिपूर्ति का दावा प्रस्तुत किया।
दावे में बताया गया कि राधेश्याम धाकड़ राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय, चेची में प्रबोधक के पद पर कार्यरत थे। 19 फरवरी 2024 को विद्यालय में ड्यूटी पूरी करने के बाद वह अपनी मारुति ऑल्टो कार से घर लौट रहे थे। इसी दौरान चेची गांव के बाहर देवनारायण मंदिर के पास सामने से आ रही एक मारुति स्विफ्ट कार ने तेज गति और लापरवाही से उनकी कार को टक्कर मार दी। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल राधेश्याम धाकड़ की मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना के संबंध में बेगूं थाने में मामला दर्ज किया गया था।
सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने दावा किया कि दुर्घटना मृतक की स्वयं की लापरवाही के कारण हुई थी, इसलिए क्षतिपूर्ति देने का दायित्व कंपनी का नहीं बनता। वहीं प्रार्थी पक्ष की ओर से अधिवक्ता योगेश व्यास ने चश्मदीद गवाह कैलाश धाकड़ सहित अन्य साक्ष्य अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किए। उन्होंने वाहन की जब्ती रिपोर्ट में स्विफ्ट कार के एयरबैग खुलने का उल्लेख भी रखा, जिससे वाहन की तेज गति का संकेत मिला।
सभी साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अधिकरण ने दुर्घटना के लिए स्विफ्ट कार चालक की लापरवाही को जिम्मेदार माना। न्यायालय ने मृतक के आश्रितों को 99 लाख 12 हजार 186 रुपये की मूल क्षतिपूर्ति राशि प्रदान करने का आदेश दिया। साथ ही दावा प्रस्तुत करने की तिथि 13 मार्च 2024 से भुगतान होने तक 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी निर्देश दिया।
अधिकरण के आदेश के अनुसार ब्याज सहित कुल देय राशि 1 करोड़ 16 लाख 46 हजार 818 रुपये बनती है, जिसका भुगतान संबंधित बीमा कंपनी को मृतक के वारिसों को करना होगा। यह निर्णय सड़क दुर्घटना क्षतिपूर्ति मामलों में प्रस्तुत साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर दिया गया महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।

Pratahkal Bureau
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