बयाना सेक्टर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समर्थन में सोमवार से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग (आईसीडीएस) के डीपीओ के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्य बहिष्कार की सूचना दी गई।

ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे प्रदेशभर में चल रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए 13 जुलाई 2026 से कार्य बहिष्कार पर रहेंगी। उन्होंने विभाग से उनकी लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।

कार्यकर्ताओं ने मांग की कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए तथा न्यूनतम 25 हजार रुपये मासिक वेतन लागू किया जाए। इसके साथ ही सेवानिवृत्ति पर एकमुश्त 10 लाख रुपये की राशि और पेंशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई। उन्होंने अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह सभी सुविधाएं और अवकाश उपलब्ध कराने की भी मांग रखी।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि विभाग के अलावा अन्य कार्य नहीं सौंपे जाएं तथा विभिन्न योजनाओं से जुड़े अतिरिक्त कार्यों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मुक्त रखा जाए। इसके अलावा बालवाटिका में भर्ती के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने और सुपरवाइजर पदों पर विभागीय पदोन्नति सुनिश्चित करने की मांग की गई। कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद पदोन्नति देने की मांग भी दोहराई।

कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

कार्यक्रम में मिथलेश शर्मा, गीता देवी, रश्मि बंसल, शरोज शर्मा, मंजू देवी, शारदा देवी, शशि, लीला वती फौजदार, गौरा शर्मा, सुषमा, जयदेवी, पूनम सक्सेना, सुनयना धाकड़, मंजू देवी, गीता सीमा, विनीता, बुलबुल, ममता देवी, रेखा सिंह, भगवती देवी सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं मौजूद रहीं।

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